बिजनौर। मानदेय सहित अन्य मांगों को लेकर हड़ताल कर रहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के खिलाफ अब विभाग कार्रवाई करने के मूड में आ गया है। हड़ताल में शामिल होकर केंद्र न खोल रहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की सूची बनाई जा रही है। पहले चरण में इन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय काटा जाएगा। अगर फिर भी केंद्र नहीं खुले तो ऐसी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं की सेवा भी समाप्त की जाएगी।
कुपोषण के खिलाफ अभियान, नौनिहालों, गर्भवती महिलाओं एवं बालिकाओं के स्वास्थ्य जांच के लिए आंगनबाड़ी केंद्र प्रमुख है। यहां से स्वास्थ्य से जुड़ी अनेक योजनाओं का संचालन किया जाता है। जिले में 3236 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। हर केंद्र पर एक-एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और एक सहायिका तैनात है। मानदेय सहित अनेक मांगों को लेकर इस समय आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल जारी है। इससे शासन की योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। शासन इस पर अब सख्त हो गया है। हड़ताल में शामिल होकर केंद्र न खोलने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय काटने के निर्देश जारी हो गए हैं। ऐसी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को महिला बाल विकास एवं पोषाहार विभाग द्वारा चिह्नित किया जा रहा है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी दीप्ति भार्गव के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्र न खोलने वाली कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की सूची बनाई जा रही है। पहले चरण में इनका वेतन काटा जाएगा। अगर फिर भी स्थिति न बदली तो केंद्र न खोलने वाली कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की सेवा समाप्त की जाएगी।