शासन का पंचायत सचिव पर कसा शिकंजा
बिजनौर। शासन का पंचायत सचिव पर शिकंजा कसता जा रहा है। जिले के पंचायतीराज विभाग में शायद यह पहला मामला होगा, जिसमें आडिट में फंसे ग्राम पंचायत सचिव विधान सभा समिति के समक्ष हाजिरी लगाएंगे। डीपीआरओ ने आडिट में घिरे ग्राम पंचायत सचिव को इस बारे में नोटिस भेज दिए हैं।
डीपीआरओ मनीष कुमार के अनुसार जिले में 1128 ग्राम पंचायत हैं। ग्राम पंचायतों का जिला, मंडल, राज्य स्तर से आडिट होता है। आडिट हर साल होना जरूरी है। ग्राम पंचायत के अभिलेख ग्राम पंचायत सचिव के पास होते हैं। जिले की कई ग्राम पंचायतों ने आडिट नहीं कराया है। इस मामले में करीब दो दर्जन ग्राम पंचायत सचिव फंसे हैं। इन ग्राम पंचायत सचिव को डीपीआरओ दफ्तर से नोटिस जारी कर दिए गए हैं। डीपीआरओ ने 12 दिसंबर को ऐसे मामलों और आडिट की अन्य आपत्तियां विधान सभा समिति के सामने लखनऊ में रखी हैं।
डीपीआरओ के मुताबिक बिंदुवार चर्चा के बाद विधान सभा समिति ने आडिट में फंसे पंचायत सचिव को 15 दिन बाद उनके समक्ष पेश होने को कहा है। मोहम्मदपुर देवमल की ग्राम पंचायत खलीलुल्लापुर और नजीबाबाद ब्लाक की ग्राम पंचायत नारायणपुर रतन के ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ गबन के मामले में एफआईआर होने के बाद अब आडिट प्रकरण पूरी तरह गर्मा गया है। नोटिस मिलने के बाद सचिव की रातों की नींद उड़ गई है। वे मामले को रफा दफा करने के लिए विकास भवन में अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। डीपीआरओ मनीष कुमार के मुताबिक ग्राम पंचायत सचिव नोटिस का जवाब देंगे। जिला स्तर पर जवाबों की समीक्षा होगी। संतोषजनक जवाब नहीं होने पर सचिव विधान समिति के समक्ष अपना पक्ष रखेंगे।