बिजनौर में केपीएस इंटर कॉलेज के बाहर यूपी-टीईटी के लिए जमा परीक्षार्थियों की भीड़।
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बिजनौर में यूपी-टीईटी में प्रशासनिक आदेशों की जमकर धज्जियां उड़ी। परीक्षा केंद्रों के आसपास की साइबर कैफे और फोटोस्टेट की दुकानें रोजाना की तरह खुली। केंद्रों के आसपास परीक्षार्थियों के साथ आने वालों की भीड़ लगी रही। परीक्षा में कुल 10,819 परीक्षार्थी शामिल हुए। 815 विद्यार्थी गैरहाजिर रहे।
जिले में यह परीक्षा 11 केंद्रों पर दो पालियों में संपन्न हुई। परीक्षा को देखते हुए प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 144 लगा दी थी। केंद्रों के 200 मीटर केे क्षेत्र में साइबर कैफे और फोटोस्टेट की दुकानों को बंद रखने के आदेश थे। केंद्रों पर तैनात पुलिस ने भीड़ को नहीं हटाया। डीआईओएस कार्यालय के अनुसार प्रथम पाली में 11 केंद्रों पर 8,263 परीक्षार्थियों में से 7,691 परीक्षा में शामिल हुए। द्वितीय पाली में चार परीक्षा केंद्रों पर 3,371 परीक्षार्थियों में से 3,128 परीक्षार्थी शामिल हुए। कुल 815 परीक्षार्थी गैरहाजिर रहे। वहीं नहटौर। यूूपी-टीईटी की फर्जी आंसरशीट पेपर होने से पहले सोशल मीडिया पर खूब चली। परीक्षार्थी केंद्रों पर परीक्षा से पहले मोबाइलों पर व्यस्त नजर आए। परीक्षा कक्ष में जाने पर फर्जी आंसरशीट होने का पता चला। यूपी-टीईटी के लिए जिले में 11 केंद्र बनाए गए थे। सुबह दस बजे से प्रथम पाली की परीक्षा होनी थी। करीब साढ़े आठ बजे व्हाट्सएप ने टीईटी परीक्षा के लिए 150 प्रश्नों की आंसर सीट आने की खबर फैल गई। आंसर सीट के साथ करीब अस्सी प्रश्न भी दिए गए थे। कला वर्ग की आंसर सीट ही परीक्षार्थियों के पास तक पहुंच पाई। धीरे-धीरे नौ बजे तक ये आंसर सीट परीक्षार्थियों के मोबाइल तक पहुंच गई। परीक्षार्थी अपने मोबाइलों पर आंसर सीट के सहारे परीक्षा को पास करने के लिए उसे रटने लगे। परीक्षा कक्ष में प्रश्न पुस्तिका हाथ में आने पर पर पता चला कि सोशल मीडिया पर जारी आंसरशीट फर्जी थी।