- कांवड़ियों के बड़े जत्थे को देखने के लिए उत्साहित हुए लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। ईश्वर भक्ति में श्रद्धालु कठिन प्रण लेकर उसे पूरा करने के लिए कठिनाइयों का तनिक भी एहसास नहीं करते। 72 घंटे में करीब 400 किलोमीटर की पैदल यात्रा का संकल्प लेकर मंगलवार की रात नगीना से गुजरे कांवड़ियों के जत्थे को देखकर हर कोई हैरान रह गया।
देश में खुशहाली की कामना लिए शाहजहांपुर के दो गांव बासक व विशाका के 800 श्रद्धालुओं का जत्था हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहा था। उन्होंने 72 घंटे में यात्रा पूरी करने का संकल्प लेकर 75 कांवड़ उठाईं हैं। कांवड़ियों का यह जत्था जब नगीना में राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंचा तो शिवभक्तों का उत्साह देखकर स्थानीय लोग भी अचंभित रह गए। जत्थे में सबसे आगे एक शिव भक्त भगवान शिव का झंडा लेकर आगे चल रहा था।
स्थानीय लोगों का दावा है कि सावन मास में निकली हजारों कांवड़ में यह अब तक का सबसे बड़ा व लंबा जत्था है। जत्थे में शामिल विकास ने बताया कि लखीमपुर खीरी के गोला गोरखनाथ मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक करेंगे। जत्थे के साथ पांच ट्रक व दो डीसीएम में 725 श्रद्धालु डीजे के साथ सवार हैं। 800 में से 75 सदस्य कांवड़ लेकर पैदल तेज गति से चल रहे हैं तथा अन्य 725 साथी बीच-बीच में कांवड़ को सहारा देते रहेंगे। रास्ते में पल भर का भी विश्राम नहीं रहेगा।