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बोर्ड परीक्षा में 7500 कक्ष निरीक्षक तैनात

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बोर्ड परीक्षा में 7500 कक्ष निरीक्षक तैनात
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बिजनौर। यूपी बोर्ड हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा की तैयारी अंतिम चरण में है। शासन ने परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों की तैनाती कर दी है। पहली बार कक्ष निरीक्षकों की नियुक्ति ऑनलाइन हुई है। इसी के साथ शासन ने कक्ष निरीक्षकों की नियुक्ति के नियम तय कर मनमानी पर अंकुश लगाया है। डीआईओएस कार्यालय ने कक्ष निरीक्षक ड्यूटी का वितरण शुरू कर दिया है।
बोर्ड की परीक्षा 24 मार्च से शुरू हैं। जिले में परीक्षा के लिए 131 केंद्र बनाए गए हैं। शासन ने इस बार राजकीय व अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों का नियुक्ति, योग्यता, वेतनमान, शैक्षिक अनुभव आदि का अपडेट विवरण परिषद की वेबसाइट पर फीड करा लिया था। जिले में हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा में 88 हजार से अधिक विद्यार्थी पंजीकृत हैं। अभी तक बोर्ड परीक्षा में परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी डीआईओएस दफ्तर से लगाई जाती थी। परंतु शासन ने 2022 की बोर्ड परीक्षा के लिए कक्ष निरीक्षकों की नियुक्ति आनलाइन शासन स्तर से की है। इसके लिए नियम निर्धारित किए गए हैं। कक्ष निरीक्षकों को परीक्षा केंद्रों का आवंटन शासन स्तर से हुआ है।
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7500 कक्ष निरीक्षकों की हुई है नियुक्ति
डीआईओएस कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार शासन ने बोर्ड परीक्षा कराने के लिए 131 परीक्षा केंद्रों पर 7500 कक्ष निरीक्षकों की नियुक्ति की है। नियुक्ति प्रक्रिया आनलाइन हुई है। कक्ष निरीक्षक को परीक्षा केंद्र आवंटन से लेकर ड्यूटी चक्र तक शासन से भेजा गया है। परीक्षा केंद्रों पर बोर्ड परीक्षा कार्य व आंतरिक सचल दल के शिक्षक ही अपने केंद्र पर रहेंगे। डीआईओएस राजेश कुमार ने बताया कि कक्ष निरीक्षकों के ड्यूटी पत्र को संबंधित परीक्षा केंद्रों पर भेजा जा रहा है।
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10 किलोमीटर की परिधि में लगी है ड्यूटी
डीआईओएस दफ्तर के मुताबिक शासन ने इस साल कक्ष निरीक्षक ड्यूटी लगाने के लिए नियम निर्धारित किए हैं। हर विद्यालय के सभी शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। शिक्षक को परीक्षा केंद्र का आवंटन अपने विद्यालय से अधिकतम 10 किलोमीटर की परिधि में किया गया है। डीआईओएस राजेश कुमार ने बताया कि ड्यूटी पर नहीं पहुंचने वाले शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। बताया गया कि पहले राजकीय शिक्षकों, फिर अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों, इसके बाद वित्त विहीन विद्यालयों के शिक्षकों की ड्यूटी लगेगी। बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों की ड्यूटी सबसे बाद में कक्ष निरीक्षकों की आवश्यकता अनुसार लगाई जाएगी।
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