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बदहाल मार्गों से गुजरने के लिए विवश होंगे कांवड़िये

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बदहाल मार्गों से गुजरने के लिए विवश होंगे कांवड़िये
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अफजलगढ़। इस बार शिवभक्तों की राह आसान नहीं होगी। उन्हें गड्ढों और बदहाल मार्गों से होकर गुजरना होगा। क्षेत्रवासियों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों से इन मार्गों की मरम्मत कराए जाने की मांग की जा चुकी है, लेकिन अभी तक भी कोई सुनवाई नहीं हुई है। इस खामियाजा श्रद्धालुओं को भुगतना पडे़गा।
यूपी और उत्तराखंड के शिवभक्तों ने कांवड़ लाने के लिए हरिद्वार जाना शुरू कर दिया है। कांवड़िये नजीबाबाद , नगीना से हरेवली होते हुए अफजलगढ़ से होकर गुजरते हैं। बिरला फार्म से अफजलगढ़ गुरुद्वारा मार्ग और धामपुर से अफजलगढ़ हाईवे पूरी तरह से बदहाल है। शेरकोट, भूतपुरी में मार्ग में गड्ढे ही गड्ढे हैं। हो सकता है कि शिवभक्त राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माण होने के कारण नगीना से हरेवली, अफजलगढ़ होते हुए गंतव्यों को जाएं। यहां बिरला फार्म और भूतपुरी मार्ग पर अनेक दुश्वारियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में मार्ग निर्माण न होने के चलते शिवभक्तों को इसमें गुजरने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
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क्या कहते हैं क्षेत्रीय नागरिक
नगर के जितेंद्र तोमर का कहना है कि क्षेत्र के मार्गों की हालत काफी खराब है। जिससे कांवड़ लाने वाले शिवभक्तों को परेशानी उठानी पड़ेगी। विपिन कुमार जैन का का कहना है कि उत्तराखंड को जाने वाला हाईवे 74 मुख्य मार्ग है, जो बदहाल है। मार्ग खराब होने के कारण शिवभक्त दूसरे मार्ग से निकलेंगे। क्षेत्र के मुनीष जैन का कहना है कि शासन और प्रशासन को पहले से ही पता है कि मार्गों की स्थिति क्या है। लेकिन महाशिवरात्रि के मौके पर भी मार्गों की व्यवस्था में सुधार न कराना कांवड़ियों के लिए कष्टदायक होगा। विमल गुप्ता का कहना है कि नगीना से अफजलगढ़ का सीधा मार्ग है, इसकी दूरी कम है। क्षेत्र के दर्जनों गांवों के शिवभक्तों का इस मार्ग से आवागमन रहता है, लेकिन यह भी बदहाल है।
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स्टीमेट भेजा, लेकिन धन नहीं मिला : एसडीओ
लोनिवि के सहायक अभियंता राजीव कुमार गौतम का कहना है कि उनके स्तर से मार्ग निर्माण और मरमत के लिए सरकार को स्टीमेट बनाकर भेजा गया है। लेकिन सरकार की ओर से अभी तक धन का आवंटन नहीं हुआ है। बगैर धन के कोई भी निर्माण होना संभव नहीं है।
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