फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरदारपुर छायली में दो साल से नहीं बने जॉब काड़ॱर

विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर। डीएम के निर्देश पर हुई जांच में रोजगार सेवक द्वारा दो साल से जॉब कार्ड नहीं बनाने का मामला प्रकाश में आया है। इससे ग्रामवासियों को मनरेगा के भुगतान में बड़ी गड़बड़ी होने का शक है। जांच अधिकारी ने रोजगार सेवक से इस मामले में समस्त अभिलेख तलब किए हैं।
विज्ञापन

कोतवाली देहात ब्लॉक के ग्राम पंचायत सरदारपुर छायली है। इस ग्राम पंचायत में बहेड़ी व काशीवाला गांव आते हैं। ग्रामवासियों ने विकास कार्यों में धांधलेबाजी की शिकायत डीएम से की थी। डीएम ने जिला अल्पसंख्यक अधिकारी प्रवीण कुमार मिश्र को जांच अधिकारी नियुक्त किया। जिला अल्पसंख्यक अधिकारी के अनुसार जांच में यह बात सामने आई है कि रोजगार सेवक ने वर्ष 2016 से मनरेगा के मजदूरों का जॉब कार्ड नहीं बनाया था। शिकायतकर्ताओं ने इस बारे में अपने तर्क दिए। इस मामले में रोजगार सेवक को 15 दिन में अभिलेखों के साथ अल्पसंख्यक दफ्तर में उपस्थित होकर स्थिति से अवगत कराने को कहा गया है।
ग्राम पंचायत सचिव द्वारा पात्रों के शौचालय नहीं बनाने की शिकायत पर सचिव ने कहा कि उसने एक सप्ताह पहले ही ग्राम पंचायत का कार्यभार ग्रहण किया है। ग्राम प्रधान पर अपने ही घर के लोगों को मनरेगा में काम देने के आरोप लगाए गए। जांच में यह बात सामने आई है कि मनरेगा में जिन लोगों को काम दिया गया है। वे सभी पात्र हैं। अधिकांश ग्रामवासियों का कहना था कि प्रधान पर आरोप राजनीति के अंतर्गत लगाए जा रहे हैं। परमजीत सिंह ने उनके वार्ड में कोई विकास कार्य नहीं होने का आरोप लगाया। जिला अल्पसंख्यक अधिकारी प्रवीण कुमार मिश्र के मुताबिक रोजगार सेवक को अभिलेखों सहित बुलाया गया है। इसके बाद जांच रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें