बिजनौर। जिले में लगातार बच्चों में डिप्थीरिया के लक्षण मिल रहे हैं, लेकिन जिला अस्पताल में बच्चों को डीपीटी का टीका ही नहीं लग पा रहा है। इसके कारण परिजनों को बाहर से खरीदकर टीका लगवाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
डीपीटी के टीका काली खांसी, डिप्थीरिया व टिटनेश में बच्चों के लगाया जाता है। पहला टीका बच्चों को डेढ़ माह फिर ढाई माह और तीसरा टीका साढ़े तीन माह में लगाया जाता है। लेकिन जिला अस्पताल में तो डीपीटी का टीका ही मौजूद नहीं है। परिजनों को बच्चों का टीकाकरण कराने के लिए मेडिकल से खरीदना पड़ रहा है। इसके अलावा जिले में मात्र 3500 बच्चों के वैक्सीन फिल्ड में उपलब्ध है। वहीं स्वास्थ्य विभाग टीकाकरण कर डिप्थीरिया रोकने की बात करता है। यहीं कारण है कि समय से बच्चों को टीकाकरण नहीं होने पर बच्चों में डिप्थीरिया के लक्षण मिलते हैं। अप्रैल से जुलाई तक मात्र 20 प्रतिशत बच्चों का ही टीकाकरण हो पाया है। सीएमएस डा.आभा वर्मा ने बताया कि हाल फिलहाल में ही डीपीटी के टीके खत्म हुए हैं। डिमांड भेज दी गई है, जल्द ही वैक्सीन मिल जाएगी। वहीं एसीएमओ डा.एसके निगम ने बताया फिलहाल 3500 वैक्सीन मौजूद हैं। वैक्सीन की मंडल से ही कमी चल रही है।