-सुपर वेदांता मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में मिले एक्सपायर रीजेंट और दवाई
-जैव चिकित्सा अपशिष्ट का सही निस्तारण नहीं करने पर लगाया जुर्माना
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। निजी अस्पतालों पर जैव चिकित्सा अपशिष्ट का सही निस्तारण नहीं करने पर लगातार कार्रवाई हो रही है, मगर अस्पताल लापरवाही बरतने से बाज नहीं आ रहे हैं। इसी बीच स्वास्थ्य और नगरपालिका की संयुक्त टीम ने चार अस्पतालों का निरीक्षण कर 65 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुशील कुमार के नेतृत्व में टीम ने सोमवार को अस्पतालों का निरीक्षण किया। डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि निरीक्षण के दौरान टीम को सुपर वेदांता मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में कमियों का भंडार मिला। जिस रीजेंट से पैथोलाॅजी लैब में जांच हाेती है, वह एक्सपायर मिला। दवाई भी एक्सपायर थी। इसके अलावा प्रशिक्षित नर्सिंग स्टॉफ नहीं था। साथ ही जैव चिकित्सा अपशिष्ट का सही निस्तारण नहीं होने पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
बिजनौर में ही नूरपुर रोड स्थित एमएस हॉस्पिटल में खुले में ही जैव चिकित्सा अपशिष्ट पड़ा मिला। इसके चलते इस अस्पताल पर 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। कुंदन हॉस्पिटल में रखे डिब्बे जैव चिकित्सा अपशिष्ट से भर गए थे। अपशिष्ट बाहर निकल रहा था। बदबू भी आ रही है। इस वजह से अस्पताल पर टीम ने 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। वहीं लाइफ लाइन हॉस्पिटल में जैव चिकित्सा अपशिष्ट को नगरपालिका के कूड़ेदान में रखा था। इस पर 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। इस मौके पर डॉ. हितेंद्र कुमार, आलोक कुमार, नगरपालिका से संदीप कुमार मौजूद रहे।
जैव चिकित्सा अपशिष्ट निस्तारित करने का यह है नियम-
-चिकित्सकों के अनुसार जैव चिकित्सा अपशिष्ट का निस्तारण इंसीनेरेटर में ही करना होता है।
-अस्पताल मैनेजमेंट को हॉस्पिटल से निकलने वाले वेस्ट को तीन हिस्सों में बांटना होता है।
-ब्लड, मानव अंग जैसी चीजों को लाल डिब्बे में डालना होता है। कॉटन, सिरिंज, दवाइयों को पीले डिब्बे में डालना होता है।
-हरे डिब्बे में डाला जाता है बचा खाना
वर्जन::
जिले में जैव चिकित्सा अपशिष्ट का सही निस्तारण नहीं करने वाले अस्पतालों पर कार्रवाई की जा रही है। लगातार लापरवाही करने वाले अस्पतालों में जुर्माने की राशि दोगुनी कर रहे हैं। आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
-डॉ. सुशील कुमार, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, बिजनौर