950 किशोरी मिलीं एनीमिया से ग्रसित
बिजनौर। जिले में 950 किशोरी एनीमिया से ग्रसित मिली हैं। इन किशोरियों को स्वस्थ करने के लिए अब महिला बाल विकास विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग संयुक्त प्रयास करेगा। खाने-पीने से मिलने वाले पोषक तत्वों के बारे में किशोरी व उनके परिजनों को जागरूक किया जाएगा।
खून की कमी को एनीमिया कहा जाता है। अगर किसी के शरीर में 11 ग्राम से कम खून है तो उसे एनीमिया पीड़ित माना जाता है। अगर किसी के अंदर सात ग्राम या उससे भी कम खून है तो वह गंभीर एनीमिया पीड़ित की श्रेणी में आती है। गर्भवती महिला के एनीमिया पीड़ित होने से उसका बच्चा भी कुपोषित होता है। महिलाओं व किशोरियों से एनीमिया को खत्म करने के लिए शासन ने अभियान चला रखा है। आठ मार्च को जिले भर में एएनएम उपकेंद्रों पर 11 से 14 साल तक की किशोरियों के खून की जांच की गई थी। जांच में देखा गया था कि कितनी किशोरी जिले में एनीमिया पीड़ित हैं। जांच में 5138 में से 950 किशोरियों में एनीमिया मिली है। इन किशोरियों से एनीमिया को खत्म करने के लिए अब जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। घर पर आसानी से मिलने वाले खाद्य पदार्थों से एनीमिया को खत्म करने के बारे में बताया जाएगा।
ब्लॉक कुल किशोरी जांच एनीमिया पीड़ित
देवमल 512 512 187
हल्दौर 624 546 42
धामपुर 457 348 27
नहटौर 358 285 57
स्योहारा 289 116 15
कोतवाली 688 635 24
कासमपुरगढ़ी 156 127 4
नूरपुर 409 319 75
जलीलपुर 408 389 48
नजीबाबाद 1421 932 380
किरतपुर 929 929 91
योग 6251 5138 950
नोट:ये आंकड़े स्कूल न जाने वाली छात्राओं के हैं। ये आंकड़े विकास भवन से लिए गए हैं।
एनीमिया के लक्षण
-कमजोरी आना, बार-बार चक्कर आना।
-शरीर में ऊर्जा की कमी होना।
-लगातार सिरदर्द होना।
-भोजन निगलने में कठिनाई होना।
-भूख की कमी होना।
-शरीर का रंग पीला होना।