वित्त विहीन शिक्षक भी आंदोलन की राह पर
बिजनौर। उप्र माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षक संघ ने वित्त विहीन शिक्षकों की मांगों को लेकर आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है। संघ की बैठक में सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया गया। समान कार्य, समान वेतन की मांग को लेकर 23 अक्टूबर को डीआईओएस कार्यालय पर धरना देने का निर्णय लिया गया।
वित्त विहीन शिक्षकों की मांग पूरी नहीं होने पर शिक्षकों में आक्रोश है। रविवार को उप्र माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षक संघ की बैठक मोहल्ला खत्रियान में संघ के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र प्रकाश भटनागर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। जिलाध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में माध्यमिक कॉलेजों में 70 प्रतिशत भागीदारी वित्त विहीन शिक्षकों की है। लेकिन सरकार उनकी उपेक्षा कर रही है। समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जाना चाहिए। लंबे अर्से से वित्त विहीन शिक्षक मांग करते रहे हैं। शिक्षकों को जो मानदेय मिलता था वह भी बंद हो गया है। प्रांतीय संगठन के आह्वान पर 23 अक्टूबर को जिले के वित्त विहीन शिक्षक डीआईओएस कार्यालय पर धरना देंगे। उसके उपरान्त भी मांग पूरी नहीं की गई तो 20 नवंबर को लखनऊ में विधान सभा का घेराव किया जाएगा। जिलाध्यक्ष सुरेंद्र प्रकाश भटनागर की अध्यक्षता, चंद्रभान सिंह के संचालन में आयोजित बैठक में जसवीर सिंह, देवेंद्र सिंह, विजय सिंह, सत्यप्रकाश, सतीश कुमार, ब्रह्मपाल सिंह, जितेंद्र कुमार, महीपाल सिंह, ईश्वर सिंह, राजपाल, दिनेश कुमार शर्मा आदि ने विचार रखे।