घोटाले का खुलासा करने वाले ने बताया जान का खतरा
एससी/एसटी एक्ट के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी का आरोप लगाया
अधिकारियों को पत्र देकर की कार्रवाई की मांग
बिजनौर। जिला सहकारी बैंक लिमिटेड में करोड़ों रुपये के अनुपम घोटाले का खुलासा करने वाले राजपाल सिंह ने अपनी जान को खतरा बताया है। उनका कहना है कि घोटाले में शामिल आरोपी उन्हें एससी एसटी एक्ट के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दे रहे हैं। एसपी कार्यालय को पत्र प्रेषित कर सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
अनुपम घोटाले में बैंक अधिकारियों ने बिना ऋण दिए ही करीब एक करोड़ 73 लाख रुपये की सब्सिडी उपभोक्ताओं के खातों में भेज दी थी। पिछले सप्ताह बैंक बोर्ड की बैठक में इस मामले में सात प्रबंधकों सहित 12 को निलंबित किया गया है। इस मामले में एफआईआर पहले ही दर्ज कराई जा चुकी है। कोतवाली देहात थाने के गांव सिकैड़ा नवादा के रहने वाले राजपाल सिंह ने इस घोटाले का खुलासा किया है। राजपाल सिंह ने एसपी कार्यालय को दिए पत्र में बताया कि उनकी शिकायत पर ही सहकारिता विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। उनके द्वारा मामला उजागर करने के कारण भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी व कर्मचारी उनसे द्वेष रखते हैं। आरोपी व उन्हें संरक्षण देने वाले राजनीतिक लोग उनकी हत्या भी करा सकते हैं। कहा कि इस मामले के अलावा अन्य भ्रष्टाचारों व वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत भी उन्होंने शासन से की है। उनकी शिकायत की जांच की स्थिति जानने के लिए वे सहायक आयुक्त सहायक निबंधक सहकारिता अमित त्यागी से मिलने गए तो उन्होंने अपने अधीनस्थ कर्मचारी राकेश कुमार के माध्यम से उन्हें एससी/एसटी एक्ट, सरकारी काम में बाधा पहुंचाने के आरोप में फंसाने की धमकी दी। राजपाल सिंह ने अमित त्यागी के अलावा पूर्व सहायक आयुक्त सहायक निबंधक सहकारिता एके सिंह, राकेश कुमार, कैडर सचिव नरेशचंद्र यादव, पूर्व कार्यपालक अधिकारी जिला सहकारी बैंक मनोज कुमार अग्रवाल, सचिव कुलदीप सिंह, चांदपुर के शाखा प्रबंधक हेमराज सिंह, पूर्व शाखा प्रबंधक अफजलगढ़ योगेंद्रपाल सिंह व सेवानिवृत्त कर्मचारी रोहताश कुमार के खिलाफ शिकायत की गई है।