बिजनौर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष चंद ने प्रीति दहेज हत्याकांड में उसके देवर चंदू उर्फ चंद्रप्रकाश की जमानत याचिका निरस्त कर दी है। शासकीय अधिवक्ता श्याम स्वरूप शर्मा के अनुसार थाना धामपुर के गांव पीपलसाना निवासी मंगल सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी पुत्री प्रीति की शादी वर्ष 2016 में थाना स्योहारा के ग्राम निचलपुर निवासी राजीव के साथ हुई थी। काफी दान-दहेज दिए जाने के बाद भी राजीव और उसके परिवार वाले मिले दान-दहेज से खुश नहीं थे। 28 फरवरी 2018 को राजीव उसके पास आया और 50 हजार रुपये मांगे। आरोप है कि जब उन्होंने मना कर दिया तो राजीव, उसकी मां सीता, देवर सोनू एवं चंदू और नंद शिवानी ने एक मार्च 2018 को डेढ़ बजे प्रीति को आग लगाकर मार दिया। अदालत ने इस मामे में देवर चंदू की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
कछुए के शिकार के आरोपी की जमानत याचिका निरस्त
बिजनौर। एडीजे राजीव शर्मा ने कछुए के मांस के साथ पकड़े गए आरोपी महेश की जमानत याचिका निरस्त कर दी है। शासकीय अधिवक्ता सैयद इसरार अली के अनुसार 21 अप्रैल 2018 को महेश निवासी ग्राम हेमराज कॉलोनी बिजनौर को मोटर साइकिल पर पांच किलोग्राम कछुए के मांस के साथ गिरफ्तार किया गया। कोर्ट ने इस मामले में कहा है कि कछुआ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत अनुसूची-01 भाग-02 में आता है। कछुए के मांस का व्यापार और शिकार करना प्रतिबंधित है। कछुए के शिकार को गंभीर अपराध मानते हुए अदालत ने महेश की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।