खेतों में खड़ा दो करोड़ क्विंटल गन्ना
बिजनौर। किसान गन्ना पर्ची नहीं मिलने से हताश हैं। डीएम के समक्ष गन्ना पर्ची का मामला उठाने से भी कोई नतीजा नहीं निकला है। प्रभावशाली किसानों को बंपर पर्ची मिल रही हैं। लघु व मध्यम किसान एक-एक पर्ची के लिए गिड़गिड़ाता फिर रहा है। भाकियू ने गन्ना पर्ची में गड़बड़झाले के लिए डीसीओ को जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही 18 अप्रैल का किसान दिवस नहीं चलने देने की चेतावनी दी है।
भाकियू के प्रदेश सचिव रामअवतार सिंह के अनुसार जिला अध्यक्ष दिगंबर सिंह समेत गन्ना सर्वे के लिए यूनियन की ओर से नियुक्त सेक्टर प्रभारियों ने गांवों में जाकर किसानों से खेतों में खड़े गन्ने की जानकारी ली है। अप्रैल माह शुरू हो गया है। कुछ दिन बाद गेहूं की फसल कटाई चालू हो जाएगी। किसानों का दो करोड़ क्विंटल से अधिक गन्ना खेतों में खड़ा है। गर्मी बढ़ने से गन्ने का वजन कम होने लगा है। शुगर मिलों ने किसानों को टालने वाली नीति अपनानी शुरू कर दी है। शुगर मिलों पर गन्ना पखवाड़ा गन्ना खरीद केंद्रों के मुकाबले पीछे है। आरोप है कि गन्ना विभाग ने कुछ असरदार नेताओं को फायदा पहुंचाने के लिए उन्हें गन्ना खरीद केंद्रों से जोड़ दिया है।
गन्ना विभाग का कहना है कि इन किसानों का सट्टा पूरा नहीं हुआ है। गन्ना सेंटर से जोड़ने के बाद इन किसानों को बंपर पर्ची मिल रही हैं। रामअवतार सिंह का आरोप है कि असरदार किसानों को एक दिन में 20-25 पर्ची मिल रही हैं। पहले से ही केंद्र पर डाल रहे किसानों की कई कई दिनों में एक एक पर्ची आ रही है। किसान दिवस में डीएम अटल कुमार राय के सामने गन्ना पर्ची का मामला उठा। परंतु नतीजा वही ढाक के तीन पात रहा है। डीसीओ शासन प्रशासन को भ्रमित करने वाले गन्ना आपूर्ति के गलत आंकड़े दे रहे हैं। किसानों को अपना गन्ना खेतों में खड़ा रह जाने का डर सता रहा है। सीडीओ ओपी सिंह का कहना है कि खेतों में खड़े गन्ने का सर्वे कराया जा रहा है। जिन किसानों का सट्टा समाप्त हो गया है तथा गन्ना खेत में खड़ा है। उनका पता लगाया जा रहा है।