बिजनौर। जिले के 9123 किसानों की बाढ़ से बर्बाद फसलों के मुआवजे की धनराशि 5,98,46,506 रुपये उनके बैंक खातों में पहुंच गई। शासन के निर्देश पर प्रशासन की ओर से जनपद में बाढ़ से बर्बाद फसलों का सर्वे कराया गया था। बाढ़ से जलीलपुर ब्लाक में सबसे ज्यादा 33 प्रतिशत फसल बर्बाद हुई थी।
वर्ष 2023 में बरसात के दिनों में पहाड़ी व मैदानी क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई थी। मैदान के साथ पहाड़ी क्षेत्र में बारिश होने से गंगा, मालन, कोटा, रामगंगा, खो समेत विभिन्न नदियां उफान पर रही थी। नदियों के पानी से बाढ़ आई थी। किसान व किसान संगठनों ने बाढ़ के पानी से बर्बाद फसलों के मुआवजे मांग की थी। विभागीय सर्वे के अनुसार नदियों के पानी से धामपुर, नगीना, चांदपुर आदि के करीब 45 गांवों के किसानों की करीब 3102.2 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई थी। मालन नदी के उफान ने भी हजारों बीघा फसलों को बर्बाद किया था। राजस्व विभाग की ओर से बाढ़ से प्रभावित फसलों का सर्वे कराया गया था। सर्वे के अनुसार बाढ़ का कहर जलीलपुर ब्लाक क्षेत्र ज्यादा रहा था। इस कारण जलीलपुर क्षेत्र के खादर क्षेत्र में करीब 2900 हेक्टेयर फसलों का नुकसान हुआ था। बाढ़ से प्रभावित फसलों के मुआवजे अर्थात (सरकार इनपुट सब्सिडी) के लिए चार सदस्य टीम बनाई थी। टीम की आख्या के बाद किसानों की फसल में 33 प्रतिशत या उससे ज्यादा नुकसान का सत्यापन मुआवजा देने के लिए नवंबर - दिसंबर में डाटा फीडिंग कराया गया था। अफसरों के अनुसार जनपद के 9123 किसानों के बैंक खातों में 5,98,46,506 बाढ़ राहत धनराशि पहुंची है।
बाढ़ राहत के लिए पहले ही बजट की व्यवस्था हो गई थी। सभी किसानों का डाटा फीड हो गया था। अब 9123 किसानों के बैंक खातों में 5,98,46,506 बाढ़ राहत धनराशि पहुंच चुकी है।
- अरविंद कुमार सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व