एंटी कोविड वैक्सीन की 536 डोज खराब
बिजनौर। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए पहले चरण के छह सत्र पूरे होने के बाद एंटी कोविड वैक्सीन की 536 डोज खराब हो चुकी हैं। अफसरों की मानें तो लक्ष्य के सापेक्ष स्वास्थ्य कर्मियों के बूथों पर न पहुंचने के कारण ऐसा हुआ है। जनपद में अब तक 9740 स्वास्थ्य कर्मी और 729 राजस्व अधिकारियों-कर्मचारियों को एंटी कोविड वैक्सीन लगाई गई है। चार और पांच फरवरी को स्वास्थ्य कर्मियों के आखिरी मौका था, लेकिन शासन ने टीकाकरण से छूटे लगभग 4557 स्वास्थ्य कर्मियों को एक बार फिर से 15 फरवरी तक के लिए मौका दिया गया है।
जिले में 16 जनवरी से एंटी कोविड वैक्सीन लगाने की शुरुआत अग्रिम पंक्ति के कोरोना योद्धा स्वास्थ्य कर्मियों से की गई। अब तक 16, 22, 28, 29 जनवरी और चार, पांच फरवरी को प्रथम चरण के छह सत्रों में टीकाकरण किया गया है। कोविन पोर्टल पर कुल 14 हजार 297 स्वास्थ्य कर्मियों का डाटा अपलोड है। इनमें से अब तक 9740 स्वास्थ्य कर्मी और 729 राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रतिरक्षित किया जा चुका है। वर्तमान में 4557 स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगना है। इन्हें मॉपराउंड के दौरान 15 फरवरी को आखिरी मौका दिया जाएगा। इसके चलते शुरू से लेकर अब तक वॉयल की सील खुलने के बाद लगभग 536 डोज का इस्तेमाल नहीं हो सका।
चार घंटे बाद नहीं होता वॉयल का प्रयोग
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि टीकाकरण के दौरान अब तक लगभग 536 डोज बेेकार हुई हैं। उसका टीकाकरण पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा, क्योंकि शासन ने दस फीसदी वैक्सीन निष्प्रयोज्य के तौर भेजी थीं। डोज बेकार होने का अहम कारण यह रहता है कि अगर किसी स्थान पर 21 लोग टीकाकरण को आते हैं, तो 20 लोगों पर दो वॉयल खर्च होती हैं, मगर एक व्यक्ति को वैक्सीन लगाने के लिए वॉयल को खोलना मजबूरी है। कोविड गाइडलाइन के अनुसार खुली हुई वैक्सीन का चार घंटे बाद उपयोग नहीं होता है। इसके बाद यह निष्प्रयोज्य हो जाती है।