कालागढ़। रामगंगा बांध परियोजना के मुख्यालय नई कालोनी तक वाहनों के संचालन न होने से कर्मचारी परिवारों की समस्या बढ़ रही है। कर्मचारियों का आरोप है कि बांध प्रशासन कर्मचारियों को परियोजना पर मिलने वाले लाभों को नहीं दिला पा रहा है, जिससे कर्मचारी परेशान है।
रामगंगा बांध परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग ने कालागढ़ में केंद्रीय, नई कालोनी व हाइडिल कालोनी की स्थापना 1960-70 के बीच की थी। यहां अस्पताल, बैंक, दो डाकघर, हाईस्कूल, प्राथमिक पाठशाला, रामगंगा मार्केट, नई कालोनी का कच्चा मार्केट, मनोरंजन के लिए चार क्लब स्थापित किए थे। यातायात के लिए बिजनौर डीपो व प्राइवेट बसों की सुबह से शाम तक धामपुर, काशीपुर, बिजनौर, मेरठ, दिल्ली आदि से आवाजाही बनी रहती थी। वर्तमान में यहां से मनोरंजन क्लबों से मनोरंजन खत्म हो गया है। केंद्रीय कालोनी का क्लब व रामगंगा डाकघर नष्ट हो गया है। बैंक शाखा परियोजना परिसर से बाहर चली गई है। वहीं यातायात व्यवस्था भी खत्म हो चली है। नियमित आने वाली प्राईवेट बसे भी पुराना कालागढ़ में आकर ही रुक जाती है, जिससे कर्मचारियों के परिवारों को तीन से पांच किमी तक पैदल आना-जाना पड़ता है। बिजनौर के संभागीय परिवहन व रोडवेज के अधिकारी इस ओर से आंखें मूंदे हैं। सुरेश सिंह, दिलावर सिंह, दिलशाद अहमद आदि कर्मचारियों ने अधिकारियों से मांग की है कि समस्याओं का समाधान कराया जाए।