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महिलाओं के मान के लिए इज्ज्तघर की समझी उपयोगिता

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निजी स्तर पर शौचालय बनाने में जिला नंबर वन
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बिजनौर। शौचालय के इज्जतघर नाम को साकार करने वाले बिजनौर जनपद के ग्रामीणों ने सूबे में मिसाल कायम की है। खुले में शौचमुक्त अभियान के अंतर्गत ढाई लाख से ज्यादा शौचालय बनाने वाले जिले में 45 प्रतिशत से अधिक शौचालय निजी स्तर पर बनाए गए हैं। जिले वासियों ने खुद भी स्वच्छता का महत्व समझकर इसे अपनाया है।
जिले को खुले में शौच मुक्त करने के लिए 2016 में अभियान चलाया गया। जिले के ग्रामीणों ने भी स्वच्छता के महत्व को समझा। उन्होंने माना की महिलाओं के मान के लिए घर में शौचालय होना बहुत जरूरी है। ग्राम प्रधानों ने शौचालय विहीन परिवारों में सरकारी निधि से खूब शौचालय बनवाए। ग्रामीणों ने इस अभियान को निजी स्तर पर भी खूब बढ़ाया। जिले में निजी स्तर पर भी खूब शौचालय बनवाए गए।
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जिन गांवों में एक दो परिवारों में शौचालय नहीं थे, ग्रामीणों ने उनके शौचालय आपस में चंदा एकत्र कर बनवाए। कई प्रधानों ने अपने गांवों को बिना सरकारी सहायता के खुले मेें शौचमुक्त घोषित कराया। केंद्र सरकार का खुले में शौचमुक्त अभियान ग्रामीणों के दिलों में घर कर गया। योजना में सबसे अधिक शौचालय जिले में ही बने हैं। सरकारी और निजी दोनों स्तर पर शौचालय बनवाने में जिला सूबे में पहले नंबर पर है। जिले में सरकारी मदद से एक लाख 62 हजार 252 और निजी स्तर पर 94 हजार 725 शौचालय बनाए गए। जिले में कुल दो लाख 56 हजार 977 शौचालय बने। इनमें से 45.8 प्रतिशत शौचालय निजी स्तर पर बनाए गए हैं।
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जिला सरकारी शौचालय निजी शौचालय कुल बने शौचालय प्रतिशत
बिजनौर 162252 94725 256977 45.8
रामपुर 126842 72683 199525 36.4
मुजफ्फरनगर 84431 35288 119719 29.5
मेरठ 77246 29727 106973 27.8
जालोन 115124 42907 158031 27.2
गाजीपुर 312165 111803 423968 26.4
मिर्जापुर 162942 56226 219168 25.7
जेपीनगर 127181 35744 162925 21.9
बुलंदशहर 209318 53060 262378 20.2
उन्नाव 220591 55852 276443 20.2
नोट:उक्त आंकड़े विकास भवन से लिए गए हैं।

जिले से शौचालय को मिला इज्जत नाम
शौचालय को इज्जतघर का नाम जिले से ही मिला है। पूर्व सीडीओ डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने शौचालयों को इज्जत का नाम दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक कार्यक्रम में शौचालय को इज्जतघर नाम दिए जाने की प्रशंसा की थी। उन्होंने बिना सरकारी सहायता के गांव को ओडीएफ करने के लिए गांव मुबारकपुर कला के गांव वालों की भी प्रशंसा की थी। मुख्य विकास अधिकारी प्रवीण मिश्र के अनुसार जिले के ग्रामीणों ने खुले में शौचमुक्त अभियान में उल्लेखनीय कार्य किया है। इसके लिए वह बधाई के पात्र हैं।
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