गंगा को अविरल बनाए रखने को 22 जिलों में रेड अलर्ट घोषित
बिजनौर। महाकुंभ के आयोजन के दौरान गंगा की अविरलता को बनाए रखने के लिए सूबे के 22 जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। गंगा की धारा में प्रदूषित पानी डालने वाली औद्योगिक इकाइयों को तुरंत बंद कराया जाएगा। गंगा की शुद्धता पर नजर रख रहीं अनुश्रवण समितियां ऑन लाइन 24 घंटे निगरानी रखेंगी, जहां भी अनियमितता दिखेगी वहां तुरंत कार्रवाई होगी।
महाकुंभ के आयोजन के दौरान गंगा जल की शुद्धता का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। गंगा में डाले जाने वाले चीनी मिल, डिस्टलरी, पेपर मिल व अन्य औद्योगिक इकाइयों का ट्रिटेड व साफ पानी गंगा व सहायक नदियों में डाला जाता है। इस पानी की निगरानी करने के लिए अनुश्रवण समिति हर जिले में गठित की गई हैं। खुद डीएम इसकी रिपोर्ट देखते हैं। औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले पानी पर नजर रखी जाती है। पानी इतना साफ होना चाहिए कि उसके रंग की तीव्रता 25 हैजन से अधिक नहीं होनी चाहिए। हैजन पानी की शुद्धता का एक पैमाना होता है। 25 हैजन तक पानी में कोई रंग नहीं होता है। हैजन की तीव्रता अगर 25 से अधिक हो जाती है तो इसका मतलब होता है कि पानी रंगीन यानि प्रदूषित है। अगर किसी भी औद्योगिक इकाई से निकले जल की तीव्रता 25 हैजन से अधिक होती है तो उस औद्योगिक इकाई को तुरंत बंद करने के आदेश दिए गए हैं। शहरों के सीवर ट्रीटमेंट प्लांट, नालों आदि के पानी की स्थिति को भी देखा जाएगा। इस संबंध में प्रमुख सचिव कल्पना अवस्थी ने सभी जिलों को शासनादेश जारी कर दिया है। प्रदूषण नियंत्रण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी जीसी वर्मा ने इसकी पुष्टि की है।
इन जिलों में है रेड अलर्ट
बिजनौर, मुजफ्फरनगर, शामली, गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, मेरठ, मुरादाबाद, अमरोहा, रामपुर, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, फर्रूखाबाद, कानपुर, कानपुर देहात, उन्नाव, फतेहपुर, प्रयागराज, मिर्जापुर व वाराणसी में रेड अलर्ट जारी किया गया है।