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पुलिया का निर्माण नहीं हुआ तो खड़े गन्ने में लगा देंगे आग

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टूटी पुलिया बनी किसानों की मुसीबत
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अफजलगढ़। गांव हिदायतपुर चौहड़वाला में टूटी पुलिया का तीन साल बाद भी निर्माण न होने से किसान चीनी मिल तक गन्ना नहीं ले जा पा रहे हैं। उग्र किसानों ने सिंचाई विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र ही पुलिया का निर्माण नहीं हुआ तो गन्ने की फसल में आग लगा दी जाएगी।
रविवार को किसानों ने सिंचाई विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर डीएम से पुलिया का निर्माण कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिया न होने की वजह से आधा दर्जन से ज्यादा गांवों के किसान गन्ने की मिल को आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। किसान तीन साल से सिंचाई विभाग से नहर में साइफन डलवाने की मांग करते चले आ रहे हैं। लेकिन सिंचाई विभाग किसानों की समस्या की सुध नहीं ले रहा है। किसानों को माइनर की पटरी से होकर मिल तक जाना पड़ रहा है, इसके लिए उन्हें पांच किलोमीटर अतिरिक्त चलना पड़ता है, लेकिन यह रास्ता भी क्षतिग्रस्त है। इस पर गन्ने से लदे वाहन पलट रहे हैं। आरोप है कि समस्या को लेकर वह जनप्रतिनिधियों से भी मिल चुके हैं। लेकिन न तो पुलिया का निर्माण हो रहा है, न ही नहर में साइफन डाले जा रहे हैं। किसानों ने डीएम से शीघ्र पुलिया का निर्माण कराने की मांग की है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि सिंचाई विभाग ने नहर की पुलिया का जल्द निर्माण नहीं कराया तो वह अपने गन्ने के खेतों में आग लगा दें। इस दौरान शरीफ अहमद, मोहम्मद इस्लामुद्दीन, नजर हसन, अहमद हसन, महेश सिंह, सुखविंदर सिंह, ओमप्रकाश सिंह, मोहम्मद अफजलबेग, अनवर हुसैन, रहीस, कुलविंदर सिंह, बलविंदर, सुरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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वहीं, सिंचाई विभाग के एक्सईएन रामबाबू का कहना है कि पुलिया के लिए फिलहाल 20 लाख रुपये आवंटित हुए हैं। विभागीय स्तर पर ओखला से सीमेंट नहीं मिल पा रहा, जो 20 दिसंबर तक आ जाएगा। 25 दिसंबर से पुलिया निर्माण का कार्य प्रारंभ होगा। पुलिया का कुल स्टीमेट 72 लाख रुपये का है। जैसे जैसे धन प्राप्त होगा वैसे ही कार्य पूरा करा दिया जाएगा।
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