रूखालू। पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए गंगा घाट पूठधाम सतैड़ा और गंगानगर गंगा घाट पर पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर दीपदान किया गया। श्रद्धालुओं ने गंगा घाट पर पितरों का तर्पण किया गया। दूर दराज के गांव के लोग शामिल हुए।
कार्तिक पूर्णिमा मुख्य गंगा स्नान आज (शुक्रवार) है। गुरुवार को पूर्व संध्या पर श्रद्धालुओं ने पितरों को दीपदान किया। इसके लिए श्रद्धालु पूठ धाम और गंगानगर घाट पर पहुंचें। दीपदान का जिक्र आते ही आसमान में चमकने वाले तारों की याद आ जाती है।
दीपदान के दिन यह वह श्रद्धालु होते हैं, जिनके अपने हमेशा के लिए उन्हें छोड़कर चले गए हैं। आत्मा की शांति के लिए श्रद्धालु गंगा तट पर पहुंचकर दीपदान करते हैं। गंगा में जलता दीपक छोड़ कर प्रार्थना करते हैं।
यह रीत महाभारत काल से चली आ रही है। पांडव के हाथों कौरव सेना का वध होने के बाद भगवान श्री कृष्ण ने पांडवों को दीपदान के लिए प्रेरित किया था।