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स्कूलों में खाद्यान्न खत्म, भोजन को पड़े लाले

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बिजनौर। परिषदीय स्कूलों में बच्चों को मध्याह्न भोजन के लाले पड़ रहे हैं। तीन महीने से स्कूलों को खाद्यान्न नहीं मिलने से ग्राम प्रधानों ने बच्चों को मिड-डे मील उपलब्ध कराने से हाथ खड़े कर दिए हैं। अखिल भारतीय प्रधान संगठन ने बीएसए से स्कूलों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने की मांग की है।
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जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में बच्चों को मध्याह्न अवकाश में मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जाता है, जिसकी जिम्मेदारी ग्राम प्रधानों व शिक्षकों की है, पर पिछले तीन महीने से खाद्यान्न का उठान नहीं होने से बच्चों को मध्याह्न भोजन देने में परेशानी आ रही है। अखिल भारतीय प्रधान संगठन ने बीएसए से स्कूलों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने की मांग की है। संगठन के जिलाध्यक्ष मुकेश दहिया ने बताया कि यदि खाद्यान्न नहीं मिला तो बच्चों को भोजन नहीं मिल पाएगा। इसके लिए पहले भी खाद्यान्न उपलब्ध कराने की मांग की गई है। ग्राम प्रधान अजय राजपूत, सुधीर ठेकेदार , मुकेश राजपूत व राजपाल राजपूत का कहना है कि खाद्यान्न नहीं होने से कई स्कूलों में बच्चों को भोजन नहीं मिल पा रहा है, पर बेसिक शिक्षा विभाग इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। साथ ही मुकेश दहिया ने बताया कि ग्राम खानपुर माधो में प्रधानाध्यापक नहीं होने से स्कूल के खाते से कन्वर्जन कास्ट की धनराशि भी नहीं निकल पा रही है। उधर, बीएसए महेश चंद्र के मुताबिक खाद्यान्न के उठान के लिए जिला पूर्ति विभाग को स्कूलों का मांग पत्र भेज दिया गया है।
कन्वर्जन कास्ट का हो चुका है भुगतान
बच्चों को मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने के लिए कन्वर्जन कास्ट का भुगतान बीएसए कार्यालय द्वारा किया जाता है। जिला समन्वयक रासु कुमार के मुताबिक शासन के निर्देश पर स्कूलों को कन्वर्जन कास्ट का भुगतान कर दिया गया है। किसी भी स्कूल की कन्वर्जन कास्ट बकाया नहीं है।
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