धामपुर/अफजलगढ़। समायोजित शिक्षकों और शिक्षामित्रों के तीसरे दिन भी जिला मुख्यालय पर आंदोलनरत रहने से शिक्षा व्यवस्था चौपट रहीं। कई विद्यालय बंद रहे। बीएसए महेशचंद का कहना है कि जब समायोजित शिक्षकों, शिक्षामित्रों का प्रदेशव्यापी आंदोलन चल रहा है तो वे इसमें कुछ नहीं कर सकते हैं । आंदोलन समाप्त हो जाने के बाद फिर से बंद विद्यालयों में शिक्षण कार्य सुचारु हो जाएगा।
गांव अमखेड़ा के ग्रामीण महेंद्र सिंह, रमेश, धीरेंद्र, रामगोपाल ने बताया कि उनके विद्यालय में तीन समायोजित शिक्षक है जो शिक्षामित्र से सहायक शिक्षक के पद पर समायोजित हुए हैं। जबसे इनका समायोजन रद्द हुआ है तब से विद्यालय में ताले लटके है। शुक्रवार तीसरे दिन भी विद्यालय बंद रहा। गांव हरियाणा, मटौरा, बक्शनपुर में भी विद्यालय बंद है। नहटौर ब्लॉक की बसेड़ा न्याय पंचायत के अधिकांश विद्यालयों में भी यही स्थिति बनी है। जिन विद्यालयों में एकल शिक्षक है वह शिक्षक स्कूलों में देरी से पहुंचकर समय से पहले ही स्कूल बंद कर अपने घरों को चले जाते हैं ।शेरकोट, हरेवली क्षेत्र में भी अधिकांश स्कूलों के बंद रहने से छात्र-छात्राओं को परेशानी हुई।
शिक्षामित्रों की हड़ताल चल रही है तो वे क्या करें : मुख्य अध्यापक
धामपुर । कासमपुरगढी ब्लॉक के गांव भटपुरा के ग्रामवासियों का आरोप है कि उनके गांव का विद्यालय एकल शिक्षक भरोसे है। इस विद्यालय में शैलेंद्र कुमार सिंह बतौर मुख्याध्यापक है। आरोप है कि इस विद्यालय के मुख्याध्यापक ने अपने स्तर से प्राइवेट तौर शिक्षक रखें है, जो कि नियमविरुद्ध है। आरोप है कि वह कई बार बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों से शिकायत कर चुके है, लेकिन सुधार नहीं हो रहा है। बीएसए से चेकिंग कर सुधार की मांग की है। उधर, बीएसए का कहना है कि कोई भी सरकारी शिक्षक सरकारी विद्यालयों में प्राइवेट तरीके से अपने स्तर से समायोजन व्यवस्था नहीं कर सकता है ऐसा करना अपराध है। वह जांच कराकर आगे की कार्रवाई करेंगे। हालांकि संबंधित शिक्षक शैलेंद्र कुमार सिंह ने लगे आरोपों को गलत बताया है। मुख्याध्यापक का कहना है कि जब उनके विद्यालय के शिक्षामित्रों की हड़ताल चल रही है तो वे क्या करें। वहीं अफजलगढ़ ब्लाक के खंड शिक्षा अधिकारी सुनील कुमार डोबरियाल का कहना है कि प्राथमिक विद्यालयों में सरकार की ओर से नियुक्त शिक्षक ही शिक्षण कार्य कर सकता है। यदि मुख्याध्यापक अपने स्तर से प्राइवेट शिक्षकों को नियुक्त कर शिक्षण कार्य करा रहा है। तो यह गलत है। संबंधित मुख्याध्यापक के खिलाफ जांच कर कार्रवाई होगी।