बिजनौर। बिजनौर के कोतवाली ब्लॉक की ग्राम पंचायत नूरपुर अरब में मनरेगा योजना में बड़ा घोटाला सामने आया है। ग्राम रोजगार सेवक शहबाज पर फर्जी जॉब कार्ड बनाकर लाखों रुपये के भुगतान का आरोप लगा है। इस मामले में एक आंगनबाड़ी सहायिका भी शामिल पाई गई है। जिलाधिकारी ने रोजगार सेवक की संविदा समाप्त करने और प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं शहबाज ने फर्जी जॉब कार्ड बनाए और उनमें दूसरे व्यक्तियों के नाम जोड़े। उसने काल्पनिक व्यक्तियों को चार लाख 67 हजार 436 रुपये का भुगतान कर दिया। आंगनबाड़ी सहायिका यशोदा के नाम पर भी फर्जी मस्टररोल भरकर धनराशि का भुगतान कराया गया। ग्राम नूरपुर अरब निवासी प्रमोद ने मनरेगा योजना में अनियमितता की शिकायत की थी। जिलाधिकारी ने इस शिकायत की जांच उपायुक्त (श्रम रोजगार) से कराई। जांच में पाया गया कि शहबाज ने अपने परिवारजनों के डुप्लीकेट जॉब कार्ड जारी किए। उसने बिना काम किए फर्जी मस्टररोल भरे और सरकारी धनराशि का गोलमाल किया। परिवारजनों को दूसरी बिरादरी के जॉब कार्डों में कूटरचना से जोड़ा गया था।
जिलाधिकारी जसजीत काैर ने रोजगार सेवक की संविदा समाप्त करने के निर्देश दिए हैं और बीडीओ कोतवाली को रोजगार सेवक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने को कहा है। एडीओ (पंचायत) और बीडीओ कोतवाली को संविदा समाप्त करने की कार्रवाई के निर्देश मिले हैं। यह कार्रवाई नियमानुसार ग्राम पंचायत द्वारा कराई जाएगी। डीपीआरओ को ग्राम पंचायत की बैठक कराने और संविदा समाप्त करने को कहा गया है।