बिजनाैर, धामपुर। गांव मिर्जालीपुर में बुखार से चार लोगों की मौत हो जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग मंगलवार को हरकत में आ गया। विभाग के अधिकारियों ने गांव में बीमार लोगों का घर-घर जाकर परीक्षण कर उपचार किया। टीम में शामिल कर्मचारियों ने 104 बीमार लोगों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया। इनमें 46 ग्रामीण बुखार और बाकी सर्दी, जुकाम और खांसी से ग्रसित मिलेे।
गांव के लोगों का कहना है कि करीब 10-12 ऐसे लोग हैं। जिनका उपचार गैर जिलों में कराया जा रहा है। मंगलवार को अमर उजाला की ओर से गांव मिर्जालीपुर में फैले बुखार से 23 दिन में हुई चार मौतों के मामले की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर छपते ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हरकत में आ गए। अधिकारियों ने गांव में टीम को भेज कर बीमार लोगों का घर-घर जाकर स्वास्थ्य परीक्षण किया और शिविर लगा कर ग्रामीणों को दवाइयां भी दी।
पीएचसी के प्रभारी चिकित्सक डाॅ. अंकित कुमार अग्रवाल ने बताया कि टीम ने सवेरे से शाम तक करीब 104 लोगों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया। इनमें 46 लोग बुखार से ग्रसित पाए गए और बाकी लोग सर्दी, जुकाम और खांसी से पीड़ित मिले। सभी को विभाग की ओर से दवाइयां दी गई।
- अब आशा, संगिनी बनाएगी बीमार लोगों की रक्त स्लाइडें
प्रभारी चिकित्सक ने बताया कि अब गांव में विभाग की ओर से शिविर नहीं लगेगा। क्षेत्र की आशा, संगिनी और अन्य कर्मियों को निर्देशित किया है कि वह गांव में प्रत्येक बीमार लोगों की रक्त स्लाइड बनाएगी। स्लाइडों को बनाने के बाद पीएचसी में दाखिल करेंगे। लैब में परीक्षण के बाद देखा जाएगा कि अन्य लोगों की क्या स्थिति है।
- बुखार से हो रही मौतों से ग्रामीण चिंतित
भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष नेपाल सिंह, बलराज सिंह, चंद्रपाल, विनोद, प्रेम सिंह, रणवीर सिंह आदि का कहना है कि कि उनके गांव में अधिकांश व्यक्ति बुखार से पीड़ित है। चार नवंबर से अब तक गांव में एक व्यक्ति और तीन महिलाओं की मौत हो चुकी है। अब ऐसा न हो। इसके लिए ग्रामीण चिंतित है। कई बीमार लोगों का धामपुर, मुरादाबाद, स्योहारा आदि स्थानों पर उपचार कराया जा रहा है।
- झोलाछाप डाक्टरों से उपचार न कराने की सलाह
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अंकित कुमार अग्रवाल ने ग्रामीणों को सुझाव दिया कि वह झोलाछाप डॉक्टर से उपचार न कराएं। सरकार की ओर से संचालित 102 एम्बुलेंस के माध्यम से निकट के सरकारी अस्पताल में अपना उपचार कराएं। क्योंकि झोलाछाप डॉक्टरों के उपचार से दिक्कत आ सकती है।
- इन डाक्टरों ने किया घर-घर जाकर बीमार लोगों का परीक्षण
पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डाॅ. अंकित कुमार ने बताया कि गांव मिर्जालीपुर में बीमार लोगों का घर-घर जाकर परीक्षण करने वालों में स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर अर्चना, डॉक्टर प्रगति, डॉक्टर राहुल कुमार, अंकित कुमार, कंचन सैनी, निधि रानी, आकांक्षी राजपूत, शाहनवाज, अशोक शर्मा और रितु चौहान आदि शामिल रहे। मंगलवार को विभाग की ओर से गठित टीम में शामिल डाक्टरों ने गांव में घर-घर जाकर बीमार लोगों का परीक्षण किया गया और उन्हें बीमारी ने बचाव के लिए उपयुक्त उपाय बताए गए।