‘सभी सुखों का परित्याग है केश लोचन’
नजीबाबाद। श्री दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में 105 परमपूज्य गणिनी सम्मेद शिखर माता जी का मंत्रोच्चारण और जैन भजनों के बीच केश लोचन किया। क्षुल्लिका संयम माता जी ने कहा कि जैन साधु और साध्वी केश लोचन के माध्यम से दुनिया से जुड़े सभी सुखों का परित्याग करते हैं।
श्री दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में जैन साध्वी 105 परमपूज्य गणिनी सम्मेद शिखर माता जी का केश लोचन किया गया। क्षुल्लिका संयम माता के मंत्रोच्चारण व जैन भजनों के बीच जैन समाज के चुनिंदा श्रद्धालुओं ने जैन साध्वी माता के केश पर राख लगाकर उनका केश लोचन किया। क्षुल्लिका संयम माता जी ने कहा कि भगवान महावीर स्वामी ने दस प्रकार के मंडन बताएं हैं। पांच इंद्रियों का मुंडन, चार कषाय का मुंडन और दसवां सिर का मुंडन है। उन्होंने कहा कि जैन दीक्षा लेने के बाद जैन साधु और साध्वी वर्ष भर में एक या दो बार केश लोचन करते हैं। केश लोचन से दुनिया से जुड़े सभी सुखों का परित्याग करते हैं। उन्होंने कहा कि मन और शरीर से पार जाने की साधना केश लोचन है। जितेंद्र जैन ने कहा कि केश लोचन के दौरान जैन साध्वी माता जी को जरा सी भी वेदना न हुई जब जैन श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गई। इस अवसर पर जितेंद्र जैन, मनीष जैन, स्वाति जैन, कुमकुम जैन, संध्या जैन, शक्ति, श्रेयांस वंदना जैन, जिनेश्वर प्रसाद जैन, पारसनाथ जैन, जितेंद्र जैन, ज्ञानचंद जैन, पवन जैन, पुनीत जैन, संदीप जैन, राजीव जैन, अजय जैन सहित अनेक जैन समाज के लोगों ने भगवान महावीर स्वामी का गुणगान किया।