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पराक्रम दिवस पर आरआर मोरारका में संगोष्ठी आयोजित

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राष्ट्रसेवा के सच्चे मसीहा हैं सरहद के पहरेदार
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नजीबाबाद । आरआर मोरारका पब्लिक स्कूल में पराक्रम दिवस पर आयोजित संगोष्ठी में सरहदों के पहरेदारों की त्याग और बलिदान की गाथाओं से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
आरआर मोरारका पब्लिक स्कूल में आयोजित पराक्रम दिवस संगोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्या सुचित्रा मालवीय ने कहा कि पराक्रम दिवस हमें अपने उन वीरों के त्याग और बलिदानों को याद करने का दिन है जो सरहदों पर विषम परिस्थितियों के बीच अपनी जान की बाजियां लगाकर हमारी और राष्ट्र की रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से सैनिकों के जज्बों से प्रेरणा लेकर राष्ट्रसेवा भावना सजोए रखें।
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डॉ.रजनी शर्मा ने अपने संबोधन में भारतीय सेना के संकल्प इन शब्दों से बयंा किया। जब तक रहे धड़कती नस एक भी बदन में तब तक न छीने कोई हमसे हमारा प्यारा वतन, उन्होंने कहा कि राष्ट्रसेवा के सच्चे मसीहा हमारे सरहद के पहरेदार होते हैं। सीमा पर तैनात सैनिक हमें सुरक्षित राष्ट्र और सुरक्षित जीवन देते हैं और इस पुनीत कार्य में असंख्य सैनिक हंसते-हंसते अपनी जान गवां देते हैं। शिक्षिका सुषमा अग्रवाल ने रक्त के माध्यम से राष्ट्रसेवा जज्बे को व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि खून वही होता है जो राष्ट्रसेवा के लिए काम आता है।
पराक्रम दिवस संगोष्ठी के समापन पर विद्यार्थियों को राष्ट्र प्रेम और भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिए तत्पर रहने का संकल्प दिलाया गया।
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