बिजनौर। नूरपुर विधानसभा सीट पर ठाकुरों के तिलिस्म को महागठबंधन प्रत्याशी नईमुल हसन ने तोड़ा है। यह सीट ठाकुरों के लिए मुफीद रही है। ठाकुरों का ही इस सीट पर दबदबा रहा है।
नूरपुर विधानसभा सीट का इतिहास बताता है कि यह सीट ठाकुर बिरादरी के नेताओं को रास आती रही थी इस सीट पर अब तक ठाकुरों का ही दबदबा रहा। ठाकुर बिरादरी को इस सीट ने कभी निराश नहीं किया। नूरपुर सीट से ठाकुर बिरादरी के नेताओं की राजनीति चमकती रही हैं। 1967 में नूरपुर सीट पर पहली बार हुए चुनाव में मुरादाबाद जिले के सूरजनगर निवासी ठाकुर बिरादरी के खूब सिंह ने बाजी मारी थी। कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़कर वह पहली बार विधायक बने थे। 1969 के बाद नूरपुर विधानसभा को खत्म करके स्योहारा विधानसभा बना दिया गया।1989 में जनता दल के टिकट पर ठाकुर जाति के अशोक राणा विधायक बने। राम लहर में 1991 व 1993 के चुनाव में भाजपा के ठाकुर महावीर सिंह विधायक बने ।कल्याण सिंह की सरकार में उन्हें राज्य मंत्री भी बनाया गया। 1996 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने ठाकुर बिरादरी के डा वेदप्रकाश पर दांव खेला। वेदप्रकाश चुनाव जीतकर विधायक बने। 2007 के चुनाव में बसपा ने ठाकुर बिरादरी के यशपाल सिंह पर दांव खेला। यशपाल सिंह पहली बार विधायक बने व बसपा सरकार में राज्यमंत्री रहे। 2012 में नए परिसीमन में स्योहारा की जगह नूरपुर को फिर से विधानसभा बना दिया।भाजपा ने युवा नेता लोकेंद्र चौहान पर दांव खेला।लोकेंद्र चौहान पहली बार विधायक बने।2017 के चुनाव में भाजपा ने फिर से लोकेंद्र चौहान को टिकट दिया।लोकेंद्र चौहान दूसरी बार विधायक बनकर जिले की राजनीति पर छाए रहे। ठाकुरों के लिए मुफीद रही नूरपुर सीट पर उपचुनाव में ठाकुरों के तिलिस्म को तोड़कर सपा के नईमुल हसन ने कब्जा कर लिया। नईमुल हसन पहली बार इस सीट पर विधायक बने। नईमुल हसन ने 2017 में विधानसभा का नूरपुर सीट पर चुनाव लड़ा था। तब वे लोकेंद्र चौहान के सामने चुनाव हार गए थे।
नूरपुर विधानसभा
वर्ष विजेता पार्टी
1967 खूब सिंह कांग्रेस
1969 शिवनाथ सिंह बीकेडी
2012 लोकेंद्र चौहान भाजपा
2017 लोकेंद्र चौहान भाजपा
स्योहारा विधानसभा
1974 अब्दुल वाहिद कांग्रेस
1977 अब्दुल वाहिद जनता पार्टी
1980 शिवनाथ सिंह कांग्रेस
1985 शिवनाथ सिंह कांग्रेस
1989 अशोक राणा जनता दल
1991 महावीर सिंह भाजपा
1993 महावीर सिंह भाजपा
1996 डा.वेदप्रकाश भाजपा
2002 कुतबुद्दीन अंसारी बसपा
2007 यशपाल सिंह बसपा