अफजलगढ़। गांव शाहपुर जमाल के लोगों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के गैर जिम्मेदारी का आरोप लगाते हुए बुधवार को गांव में प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण उनकी खेतों में लहलहाती सैकड़ों हेक्टेयर में खड़ी फसलें नहर का पानी घुसने से जलमग्न हो गई। शिकायत के बाद भी कोई भी अधिकारी उनके आंसू पोंछने नहीं आया। किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से नुकसान की भरपाई की मांग की है। चेताया है कि यदि उनकी मांग को नहीं माना गया तो आंदोलन होगा।
ग्रामीण कन्हैया सिंह, उपदेश कुमार, परवेंद्र सिंह, कमल कुमार, महावीर सिंह, वीर सिंह का कहना है कि उनके क्षेत्र में अधिकांश सिंचाई नहरों पर आधारित है। आरोप है कि विभाग के अधिकारियों ने नहर के तटबंधों की तो मरम्मत कराई नहीं, उनमें बांध से पानी छोड़ दिया, जिसके कारण पानी के तेज प्रवाह नहर के तटबंधों को कई स्थानों से ध्वस्त कर खेतों में घुस गया, जिससे किसानों की खेतों में लहलहाती सरसों, गेहूं, गन्ना व बरसीम आदि की खेती पूरी तरह से जलमग्न हो गई, जिससे फसल बर्बाद हो रही है। गांव की पुलिया के पास नहर के पानी की निकासी न होने के कारण पानी से किसानों की फसलें पूरी तरह से डूब गई है। अब उन्हें पशुओं के चारे के लिए भी दिक्क्त हो गई है। पिछले 10 दिन से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। ऐसे में उनकी बची हुई फसलें भी बर्बादी की कगार पर है। गन्ने की तैयार फसलों में कई कई फीट पानी भर गया है। किसानों अवनीश कुमार, कल्लू सिंह, पूरन सिंह, शेर सिंह, होशियार सिंह, दिलावर सिंह, मलखान सिंह, भीम सिंह, हरनाम सिंह, रामकुंवर, उमराव सिंह आदि ग्रामीणों की गन्ने, सरसों, गेहूं की फसल जलमग्न है। कई बार शिकायत की ,लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। यह नहर भटपुरा, आलमपुर, शाहपुर जमाल आदि गांवों से होकर गुजरती है। उधर, सिंचाई विभाग के जेई भानू प्रताप का कहना है कि मामला संज्ञान में आ गया है। टूटी नहर को जल्द दुरुस्त कराने का प्रयास होगा। फसलों के नुकसान की भरपाई के मामले में जेई के चुप्पी साधने से किसानों में असंतोष है।