समायोजन के लिए रोज बदल रहे आदेश
बिजनौर। परिषदीय स्कूलों से सरप्लस शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में भेजने के लिए चल रही समायोजन की प्रक्रिया के लिए प्रतिदिन आदेश बदले जा रहे हैं। नए आदेश में अब परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक के अलावा तीन सहायक अध्यापक भी अनिवार्य रूप से तैनात किए जाएंगे। आदेशों के बदले जाने से शिक्षक परेशान हैं। विकल्प पत्र बदलवाने में भी खेल होना शुरू हो गया है।
बेसिक शिक्षा विभाग में पिछले कई दिनों से समायोजन की प्रक्रिया से शिक्षक परेशान हैं। शिक्षक संगठनों ने आदेशों में आई विसंगतियों को बीएसए के सामने रखा है। ब्लॉक स्तर पर अब तक कई बार सरप्लस शिक्षकों की सूची में संशोधन किया जा चुका है। शिक्षकों की सूची में बदलाव होने से लिपिक भी परेशान हो गए हैं। अब तक कई सूची डस्टबिन में जा चुकी है। शासन के आदेश पर 19 जुलाई को जिला स्तर पर समायोजन की सूची जारी की जानी है। पर रोज नया आदेश आने से सोमवार को भी सरप्लस शिक्षकों की सूची को अंतिम रूप नहीं दिया जा चुका है। उधर, बीएसए महेश चंद्र के मुताबिक नए आदेश में उच्च प्राथमिक विद्यालयों में एक प्रधानाध्यापक तथा तीन सहायक अध्यापक के पद रहेंगे, जबकि पहले कुल तीन पद पर समायोजन की रूपरेखा तैयार की गई थी। दूसरी ओर, उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के मंत्री प्रशांत सिंह व जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के मंत्री दुष्यंत कुमार का कहना है कि जिले में समायोजन के नाम पर उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा।
चाइल्ड केयर लीव का लिया जा रहा सहारा
परिषदीय स्कूलों में समायोजन से बचने के लिए प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों की शिक्षिकाओं ने समायोजन की तिथि नजदीक आते ही लंबी छुट्टी पर जाना शुरू कर दिया है। शिक्षिका समायोजन से बचने के लिए चाइल्ड केयर लीव का सहारा ले रही हैं। जिले में 100 से अधिक शिक्षिकाएं छुट्टी के लिए बीईओ को अर्जी देकर छुट्टी पर चली गई हैं। जिले के बीईओ कार्यालयों पर शिक्षिकाओं के छुट्टी के लिए प्रत्येक दिन 15-20 आवेदन पत्र आ रहे हैं।