बिजनौर। शहर में कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था नहीं है। कूड़ा गहरी जमीनों में डालकर भराव किया जा रहा है। अगर जमीन मालिक मना कर दे तो फिर सड़कों किनारे ही कूड़ा पड़ा नजर आएगा। तमाम दावों के बावजूद नगर पालिका के अफसर कूड़ा निस्तारण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा पाए हैं।
शहरों से निकलने वाला कूड़ा समस्या बनता जा रहा है। आबादी और व्यावसायिक गतिविधियां जितनी बढ़ रही है उसी के हिसाब से कूड़ा भी लगातार बढ़ रहा है। जिले में 12 नगर पालिकाएं व छह नगर पंचायत हैं। अकेले बिजनौर नगर पवालिका से हर रोज 40 टन कूड़ा रोज निकलता है। कूड़ा तो बढ़ रहा है लेकिन कूड़ा निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है। पालिकाओं को नियमानुसार कूड़े को उसकी प्रवृत्ति के अनुसार गलने व न गलने वाले कूड़े में विभाजित कर उसे बेचना चाहिए लेकिन ऐसा करने के लिए जमीन नहीं है। इस वजह से कूड़ा सड़क किनारे ही ठिकाने लगाया जा रहा है। शहर को बाहर जाने वाली सड़कों के किनारे सफाई कर्मचारी कूड़ा डालकर चले जाते हैं। बिजनौर नगर पालिका अपना कूड़ा आसपास के गांवों के किसानों के खेतों में उनकी सहमति से डलवाती है। कूड़ा डलने से गहरी जमीन का भराव हो जाता है। बाद में ऐसी जमीनों पर खेती होती है या फिर कॉलोनी काट दी जाती है। कूड़ा निस्तारण के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। पालिका कूड़ा गांवों की ओर जाने वाले रास्ते पर डलवा रही है। बाद में कूड़े को ठिकाने लगाकर उस पर मिट्टी डलवा दी जाती है।
कूड़े में पॉलिथीन सबसे ज्यादा
कूड़े में पॉलिथीन की मात्रा सबसे ज्यादा रहती है। एक अनुमान के अनुसार जिला मुख्यालय पर एक दिन में हर घर व प्रतिष्ठान से औसतन 250 ग्राम कूड़ा निकलता था। इसमे 150 ग्राम कूड़ा केवल पॉलिथीन का ही होता था। हालांकि पॉलिथीन पर बैन के बाद पॉलिथीन की मात्रा प्रति घर 110 ग्राम रह गई थी।
चिकित्सीय कूड़े पर लगे रोक
भरत विहार कॉलोनी निवासी शिक्षक विधुशेखर चौहान के अनुसार उनकी कॉलोनी के पास मुख्य सड़क पर कूड़ा डाला जा रहा है। सड़क किनारे गंदगी के ढ़ेर हैं। चिकित्सीय कूड़ा भी डाला जा रहा है। इस पर रोक लगनी चाहिए।
पर्यावरण भी होता है प्रदूषित
महादेवपुरम निवासी अधिवक्ता कैलाश त्यागी का कहना है कि मंडावर रोड पर कई जगह कूड़ा डाला जा रहा है। यहां जनता सुबह टहलने को जाती है तो कूड़े की दुर्गंध आती है। कूड़े में आग लगाने से पर्यावरण भी प्रदूषित होता है।
करा रहे कूड़ा निस्तारण
एडीएम प्रशासन विनोद कुमार गौड़ के अनुसार चांदपुर को छोड़कर बाकी नगर पालिकाओं के लिए कूड़ा निस्तारण की जगह चिह्नित कर ली गई है। कूड़ा निस्तारण का काम शुरू भी कराया गया है। चांदपुर नगर पालिका में अभी जमीन खोज की प्रक्रिया चल रही है। वहां भी यह समस्या जल्द दूर हो जाएगी। सड़क किनारे कूड़ा डालने के लिए पालिका अफसरों को मना किया गया है।
कूड़ा निस्तारण न होने से इसके निस्तारण की समस्या बढ़ती जा रही है। अगर पाठकों के पास कूड़ा निस्तारण से संबंधी कोई सुझाव है तो वह मोबाइल नंबर 9412117855 पर अपने फोटो के साथ व्हाट्सएप कर सकता है। अमर उजाला यह सुझाव अपने अंक में प्रकाशित करेगा।