विषाक्त भोजन खाने से युवक की हालत बिगड़ी।
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नगीना में गांव चमरावाला में एक शादी समारोह में उड़द की दाल और चावल खाकर करीब 40 लोग फूड प्वाइजनिंग के शिकार हो गए। इनमें करीब 16 बच्चे शामिल हैं। इससे गांव में हड़कंप मच गया। एसडीएम ने गांव में चिकित्सकों और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम भेज दी है। सभी को 108 एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया गया है।
11 अप्रैल को गांव चमरावाला निवासी सुनील कुमार की पुत्री की बारात आई थी। इस दौरान बरातियों के साथ-साथ गांव के लोगों की भी दावत की गई थी। ग्रामीणों के अनुसार दावत में उड़द की दाल और चावल थे। दावत का खाना खाकर सभी लोग अपने घरों को चले गए। इसके बाद करीब 40 लोगों को अचानक उल्टी-दस्त की शिकायत होने लगी। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें गांव में ही प्राइवेट चिकित्सकों को दिखाया। स्थिति नियंत्रण में नहीं होने पर ग्राम प्रधान के पुत्र अमित कुमार ने डायल 108 और एसडीएम गजेंद्र कुमार को दी सूचना दी। एंबुलेंस से सभी मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया गया। एसडीएम गजेंद्र कुमार के अनुसार गांव चमरावाला में फूड प्वाइजनिंग की सूचना मिलने पर गांव में चिकित्सकों और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम भेज दी गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी शील कुमार का कहना है कि फिलहाल सभी मरीजों की स्थिति नियंत्रण में है। आवश्यकता पड़ने पर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया जाएगा। शादी विवाह में वाटर फिल्टर प्लांट से आया केन का पानी पीने से भी फूड प्वाइजनिंग के शिकार हो सकते हैं। एसडीएम के निर्देश पर गांव में पहुंचे कोतवाली देहात प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक ईएन कुमार ने बताया कि गांव में बाकी जो लोग हैं, फिलहाल उनकी हालत में सुधार है। स्थिति देखकर दवा दे दी गई है। लोगों की स्थिति देखने के लिए पुन: गांव में जाएंगे।