धामपुर में एसडीएम सत्येंद्र कुमार सिंह ने गांव औरंगशाहपुर में विवादित 40 बीघा श्रेणी एक की जमीन को ग्राम समाज में दर्ज करा दिया है। इसके बाद राजस्व विभाग के अधिकारियों ने संबंधित जमीन को कब्जामुक्त कराने के बाद उस जमीन को भूमिहीन लोगों को आवासीय पट्टे आवंटन की भी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
गांव मनकुआ के मेघराज सिंह पुत्र बनवारी सिंह ने करीब पांच माह पहले तहसील दिवस में शिकायत दर्ज कराई थी कि गांव औरंगशाहपुर के दो लोग बलवंत सिंह और इंदर सिंह ने अपनी वल्दियत बदलकर गांव की ही एक महिला की करीब 40 बीघा श्रेणी एक की जमीन को अपने नाम दर्ज करा लिया है। इस मामले की एसडीएम ने राजस्व विभाग के अधिकारियों से जांच कराई, तो मेघराज सिंह की शिकायत सही पाई गई। एसडीएम ने जांच में पाया कि इस पत्रावली पर उपलब्ध संलग्न फोटो पहचान पत्र, गन्ने के सट्टे की नकल, परिवार रजिस्टर की नकल आदि से स्पष्ट होता है कि बलवंत व इंदर की वल्दियत सही व वास्तविक रामलाल ही है। इनकी वल्दियत कभी भी लाल सिंह नहीं रहे। जांच में पाया गया कि बलवंत सिंह व इंदर सिंह के द्वारा प्रश्नगत भूमि को अपने नाम कराने के लिए कूटरचित ढंग से अपने पिता का नाम रामलाल के स्थान पर लाल सिंह अंकित करा लिया। तहसीलदार की रिपोर्ट के मुताबिक मृतक महिला बसंती देवी के कोई पुत्र-पौत्र नहीं रहे हैं। ऐसी स्थिति में भूमि को राज्य सरकार के हित में संपत्ति ग्राम समाज दर्ज किया जाना उचित होगा।
एसडीएम ने जांच उपरांत तहसीलदार की जांच आख्या को स्वीकारते हुए भूमि स्थित गांव औरंगशाहपुर बनवारी परगना व तहसील के गाटा संख्या 182 मि. रकबा ई 3.200 हे. को राज्य सरकार / ग्राम समाज में निहित किया जाता है।
पट्टा आवंटन की प्रक्रिया शुरू ः हलके के लेखपाल वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि संबंधित जमीन के ग्राम समाज में निहित होने के बाद अब उसी गांव के भूमिहीन लोगों का आवासीय पट्टोँ के आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पट्टे पर जमीन उसी को दी जाएगी। इसके पास रहने को आवास के लिए जमीन नहीं होगी।