बिजनौर। शराब, तंबाकू के अलावा लोग नशे के लिए दवाई का सेवन कर रहे हैं। नशे के लिए उपयोग हो रही दवाइयों में कोडीन युक्त सिरप भी है। भले ही सरकार ने कोडीन युक्त सिरप की बिक्री पर रोक लगा रखी है। लेकिन बिजनौर में कोडीन युक्त लाइकेरेक्स-टी सिरप की 34 हजार बोतल बिक गई। इन बोतल की बिक्री का भी कोई रिकॉर्ड नहीं मिला।
जिले में गाजियाबाद की कैडिज लाइफ साइंस कंपनी ने लाइकेरेक्स-टी सिरप की सप्लाई की। इस सिरप को थ्री बी हेल्थकेयर लिमिटेड, सिरमोर ने बनाया। बिजनौर के हॉलसेल मेडिकल स्टोर शिवशक्ति बालाजी मेडिकोज और एसवी मेडिकल स्टोर पर 33950 बोतल की सप्लाई हुई।
शिवशक्ति बालाजी मेडिकोज ने अलग-अलग माह में लाइकेरेक्स-टी सिरप की 10950 बोतल एवं एसवी मेडिकल स्टोर ने 23000 बोतल खरीदी। यहां से जिले में किन-किन मेडिकल स्टोर पर सिरप की सप्लाई हुई। इसका रिकॉर्ड उनके पास नहीं की।
लखनऊ से इनपुट के बाद औषधि निरीक्षक उमेश भारती ने जिले में मेडिकल स्टोर की जांच शुरू की। बिक्री रिकॉर्ड दिखाने के लिए औषधि निरीक्षक ने तीन दिन का नोटिस जारी किया है।
पांच साल पहले लिए लाइसेंस : औषधि विभाग के अनुसार, शिव शक्ति बालाजी मेडिकोज का लाइसेंस साल 2021 में लिया गया था। इसे शिवांशु निवासी साहित्य विहार कॉलोनी, अरुण निवासी मंगोलपुरा ने पार्टनरशिप में शुरू किया था। जबकि, एसवी मेडिकल स्टोर का साल 2020 में पंजीकरण कराया गया। यह स्टोर आकाश चौहान निवासी ज्ञान विहार कॉलोनी, तुषार तोमर निवासी राम विहार कॉलोनी की पार्टनरशिप में था।
मेडिकल अस्पताल के डॉ. तुहिन वशिष्ठ ने बताया कि कोडीन युक्त सिरप खांसी के लिए है। लेकिन, लोग इस उपयोग नशे के लिए ज्यादा कर रहे हैं। इसलिए सरकार ने इसकी बिक्री पर प्रतिबंध लगाया है। चिकित्सक के परामर्श के बाद ही इस सिरप को मेडिकल स्टोर स्वामी मरीज को देते हैं। इसके ज्यादा सेवन से लोग नशे के आदी हो गए हैं।