सत्तोनंगली में मिला फिशिंग कैट का बच्चा
स्योहारा। गांव सत्तोनंगली के जंगल में दूसरी बार गुलदार का शावक मिलने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने गुलदार का शावक मिलने की सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी। वन विभाग के अधिकारियों ने सूचना मिलने के बाद भी घटनास्थल पर पहुंचना गवारा नहीं समझा। वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों से फोन पर ही बात कर मिले शावक को जंगली बिल्ली का बच्चा बताते हुए जंगल में छोड़ने को कहा।
शुक्रवार सुबह गांव सत्तोनंगली पंचायत के ग्राम प्रधान प्रभात कुमार अपने खेत पर काम करने के लिए गये थे। तभी उन्हें खेत पर गुलदार का शावक दिखाई दिया। उन्होंने इसकी सूचना ग्रामीणों व वन विभाग के अधिकारियों को दी। जंगल में गुलदार का शावक मिलने से गांव में सनसनी फैल गई। इसके बाद ग्रामीणों के साथ पास की पंचायत के ग्राम प्रधान ऋषिपाल सिंह भी मौके पर पहुंच गए। ग्राम प्रधान ऋषिपाल सिंह ने गुलदार के शावक का फोटो खींच कर वन विभाग के अधिकारियों को भेज दिया। वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर न पहुंचकर कर गुलदार के शावक को जंगली बिल्ली (फिशिंग कैट) का बच्चा बताते हुए उसे जंगल में ही छोड़ने के लिए कहा। रमेश सिंह, अनिल, नरेश आदि ग्रामीणों का कहना है कि गुलदार के शावक मिलने की सूचना मिलने के बाद भी वन विभाग के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे बल्कि उन्होंने शावक को जंगल में ही छुड़वा दिया है। ग्रामीणों को आशंका है कि गांव के जंगल में कई गुलदार हो सकते हैं। कुछ दिन पूर्व गांव के अशोक कुमार मजदूरों के साथ अपने गन्ने के खेत में कटाई कर रहा था। अशोक के खेत में भी तीन शावक मिले थे। इन्हें वन विभाग की टीम अपने साथ ले गई थी। अब दोबारा सत्तोनंगली के जंगल में गुलदार का शावक मिलने से ग्रामीण डरे हुए हैं।