बच्चों को जकड़ रहा बुखार के साथ डायरिया
बिजनौर। लगातार गर्मी बढ़ने से बच्चों में डायरिया का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन करीब 150 बच्चों की ओपीडी की जाती है। इनमें से लगभग 40 बच्चे डायरिया और 25 के आसपास बुखार से पीड़ित निकल रहे हैं। चिकित्सकों ने साफ सफाई और खाद्य तथा पेय पदार्थों की शुद्धता पर ध्यान देने की सलाह दी है।
डायरिया एक जानलेवा बीमारी है। पानी की कमी के कारण यह बीमारी होती है। वर्तमान में आसमान से आग बरस रही है। वहीं लोग लू के थपेड़े से जूझ रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार डायरिया रोग होने पर शरीर में पानी की कमी हो जाती है, जिससे उसका शरीर कमजोर हो जाता है। इसके बाद शरीर में इंफेक्शन फैलने का खतरा बहुत बढ़ जाता है। उचित समय पर सही इलाज न होने पर रोगी की जान भी जा सकती है। इसलिए इसमें सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। सामान्य रूप से डायरिया तीन से सात दिनों तक में ही ठीक हो जाता है। छोटे बच्चे और बुजुर्गों के इसकी चपेट में आने की संभावना अधिक होती है। क्योंकि इनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता की कमी होती है। दिन चार बार से अधिक बार पानी के साथ अधिक मात्रा में मलत्याग हो रहा है तो यह डायरिया का प्रमुख लक्षण है। इसका नतीजा ये है कि जिले में करीब 40 बच्चे डायरिया और 25 बालक बुखार से पीड़ित जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ केके सिंह बताते हैं कि चढ़ता हुआ पारा नुकसानदेय है। धूप निकलने से पहले पानी पीकर ही घर से निकलना चाहिए। कोशिश करें कि बच्चों को धूप में न निकलने दें। साथ ही यदि काफी देर से बच्चे ने कुछ खाया पीया नहीं है तो उसे एकदम से ठंडा पानी न पिलाएं।
लक्षण
1. पेशाब कम आना।
2. बच्चा सुस्त होना।
3. कमजोरी महसूस होना।
4. बेहोशी आना, आंखें भारी होना।
5. पेट में कीड़े या बैक्टिरिया का संक्रमण होना।
6. साफ सफाई न होना।
7. बार बार मल मूत्र त्यागना।
बचाव के उपाय
1. पानी उबालकर ही पीएं।
2. अधिक ठंडे पानी के सेवन से बचें।
3. खाद्य और पेय पदार्थों की शुद्धता पर ध्यान दें।
4. बच्चे को दूध बिनास्त्रत्त् उबला दूध न पिलाएं।
5. बच्चों को टॉयलेट से आने के बाद साबुन से हाथ धुलाएं।