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फौजी बनने के लिए युवा कर रहे जीतोड़ मेहनत

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सेना में जाने के लिए सुबह शाम पसीना बहा रहे युवा
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बिजनौर। सेना और पुलिस में भर्ती होने के बाद ही नहीं पहले का जीवन भी समर्पण से भरा होता है। जिले के हजारों युवा फोर्स में जाने के लिए निरंतर अभ्यास कर रहे हैं। चांदपुर क्षेत्र में कोई स्टेडियम न होने और सड़क अच्छी न होने के कारण युवा प्रैक्टिस के लिए जिला मुख्यालय के नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम में आते हैं। ये युवा सुबह को आकर स्टेडियम में प्रैक्टिस करते हैं। पूरा दिन इंदिरा पार्क में काटते हैं और शाम को फिर स्टेडियम में प्रैक्टिस करके घर लौटते हैं। प्रतिदिन बस या अन्य वाहनों से 100 किलोमीटर की दूरी और करीब 100 रुपये ही किराये में खर्च कर युवक सुबह स्टेडियम में पहुंचते हैं।
ग्रामीण क्षेत्र के अधिकतर युवाओं का सपना फोर्स की नौकरी करना होता है। ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह शाम सड़कों पर युवाओं को फिजीकल की तैयारी के लिए दौड़ते हुए देखा जा सकता है। लेकिन जिन क्षेत्रों में सड़कें अच्छी नहीं हैं, वहां के नौजवानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इन्हीं समस्याओं से बचने के लिए चांदपुर क्षेत्र के युवा बिजनौर के नेहरू स्टेडियम में पहुंचते हैं। सुबह को स्टेडियम में प्रैक्टिस करने के बाद युवक इंदिरा पार्क में ही कपड़ा आदि बिछाकर बैठे रहते हैं। इनमें से कई युवा तो दोपहर में लिखित परीक्षा की तैयारी करते हैं। फोर्स में नौकरी की तैयारी में जुटे हिमांशु, आकाश, सुधांशु, राहुल, मुकुल, नकुल, संजय, सुमित, कार्तिक, सरगम, बिट्टू, सुंदर आदि का कहना है कि वे मीरापुर, पाहुली, पीपलसाना, पीपली आदि गांव से आते हैं। उनका सपना सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करने का है। वे इसके लिए पूरी मेहनत कर रहे हैं।
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क्षेत्र में न स्टेडियम, न अच्छी सड़कें
जिले में एकमात्र स्टेडियम नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम जिला मुख्यालय पर है। चांदपुर से आने वाले युवाओं का कहना है कि चांदपुर में कोई स्टेडियम नहीं है। साथ ही कोई सड़क इतनी चौड़ी और अच्छी हालत में नहीं है कि उस पर दौड़ लगाई जा सके। इसी वजह से वे प्रतिदिन बिजनौर आते हैं। आने जाने में उन्हें रोज करीब 100 किलोमीटर का थका देने वाला सफर तय करना पड़ता है। युवाओं के हर रोज करीब 100 रुपये केवल किराए और छोटे मोटे खर्च में ही उठ जाते हैं। युवाओं का कहना है कि किराए में हर रोज बहुत पैसा लगता है। अगर हर तहसील में स्टेडियम हो तो युवाओं को परेशान न होना पड़े। चांदपुर के मोंटी तोमर, गौरव, भोले चौधरी, हर्षित कुमार, मुकुल चौधरी आदि सेना में पिछले कुछ महीनों में भर्ती हो चुके हैं। ये युवक भी स्टेडियम में ही तैयारी करते थे।

ये है स्टेडियम में तैयारी का शेड्यूल
सोमवार को 400 मीटर की दौड़, मंगलवार को पेस रनिंग, बुधवार को चार किलोमीटर की दौड़, बृहस्पतिवार को स्लो-फास्ट रनिंग कराते हैं। शुक्रवार को जंपिंग एक्सरसाइज कराई जाती है। शनिवार को हल्की और नसों को राहत पहुंचाने वाली कसरत कराई जाती है।
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दूर दराज के गांवों से आ रहे युवा
उप जिला क्रीड़ा अधिकारी जयवीर सिंह के अनुसार स्टेडियम में काफी युवा सेना में भर्ती की तैयारी के लिए आते हैं। इनमें से काफी दूसरी दूर दराज के गांवों से आते हैं। कई युवाओं का सेना में चयन हो चुका है।
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