बिजनौर। नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम में खिलाड़ियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। कहने को तो स्टेडियम में दो मिनी नलकूप लगे हैं, लेकिन गर्मी आते ही उनके हलक सूख गए हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि सक्षम अधिकारी के न होने से कई बार शिकायत के बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया गया।
गर्मी बढ़ते ही पानी की डिमांड बढ़ जाती है। ऐसे में यदि पानी नहीं मिलता तो कोई भी कार्य करना बड़ा ही कठिन हो जाता है। यही हालत नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम की भी है। मॉर्निंग और इवनिंग वॉक करने वालों के साथ साथ खिलाड़ियों को भी यहां पर स्वच्छ पेयजल मयस्सर नहीं है। जिला मुख्यालय पर स्थित नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम में ही जिला खेल कार्यालय बना है। यहां पर सुबह-शाम जिले भर के बच्चे विभिन्न खेलों के लिए प्रेक्टिस कर अपना भविष्य संवारने के लिए आते हैं। खिलाड़ियों का आरोप है कि स्टेडियम में सक्षम अधिकारी न होने से वहां की व्यवस्थाएं पंगु हो गई हैं। कहने को तो वहां पर शासन की ओर से दो स्थायी उप जिला क्रीड़ा अधिकारियों की नियुक्ति है। इनमें तैराकी कोच राकेश कुमार यादव और एथलेटिक्स कोच जयवीर सिंह कार्यरत हैं, जबकि अन्य कोच संविदा पर रखे जाते हैं। लेकिन सेपरेट जिला क्रीड़ा अधिकारी न होने से स्टेडियम की व्यवस्थाओं पर प्रश्नचिह्न लग रहा है। प्रभारी जिला क्रीड़ा अधिकारी जयवीर सिंह ने बताया कि तत्कालीन जिला क्रीड़ा अधिकारी जितेंद्र यादव के बाद से स्टेडियम को क्रीड़ा अधिकारी नहीं मिल पाया है। इस कारण व्यवस्थाएं बनाने में थोड़ा दिक्कतें आ रही हैं। स्टेडियम की सारी वित्तीय व्यवस्थाएं मंडलीय अधिकारियों के अधीन है। उन्होंने बताया कि नलकूप खराब होने कामामला उनके संज्ञान में नहीं है। यदि वास्तव में नलकूपों में कोई तकनीकी खराबी है तो उन्हें शीघ्र ही ठीक कराकर पेयजल आपूर्ति सुचारु रूप से शुरू करा दी जाएगी।