बिजनौर। टीबी रोगियों को चिह्नित करने के लिए चलाए गए अभियान के तहत जिले में कुल 98 नए मरीज मिले हैं। 19 जून से जिले भर में सक्रिय क्षय रोगी खोज (एसीएफ) अभियान चलाया गया था। जनपद से चयनित क्षेत्रों की कुल चार लाख 15 हजार 542 जनसंख्या पर टीबी रोगियों की पहचान की गई है। इसके लिए जिले में 615 कर्मचारियों की 205 टीमों का गठन किया गया था। इस कार्यक्रम सफल बनाने के लि 39 पर्यवेक्षक और 14 नोडल अफसरों को लगाया गया था।
केंद्र सरकार का वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य है। भारत को टीबी से मुक्त करने के लिए देशभर में टीबी रोगियों की पहचानकर उनका उपचार करने के लिए देशभर में मुहिम चलाई जा रही है। इसी के अंतर्गत 19 से 29 जून तक अपने जिले की चयनित कुल जनसंख्या चार लाख 15 हजार 542 आबादी पर सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान चलाया गया था। इसके अंतर्गत टीम ने डोर-टू-डोर अभियान चलाया गया। डीटीओ के अनुसार बिजनौर से 10, धामपुर से नौ, हल्दौर से चार, किरतपुर से सात, स्योहारा, अफजलगढ़, ताजपुर से पांच-पांच, नगीना से 15, नहटौर से आठ, नूरपुर से सात, चांदपुर 11, कोतवाली देहात 12 सक्रिय क्षय रोगी मिले हैं।
जिले के सभी ब्लॉक में टीबी रोगियों की सक्रिय जांच के लिए 615 कर्मचारियों की 205 टीमें गठित की गई थी। 39 पर्यवेक्षक और 14 नोडल अफसर लगाए गए हैं। जिला क्षय रोग अधिकारी बीएस रावत ने बताया कि अब तक पूरे जिले से 98 मरीजों की खोज की जा चुकी है। चयनित मरीजों का शीघ्र ही उपचार शुरू कर दिया जाएगा।