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तीन दशक बाद भाजपा के सहारे अंसारी बिरादरी की शहाना को मिली पालिकाध्यक्ष की कुर्सी

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भाजपा के सहारे शहाना को मिली जीत
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अफजलगढ़ । नगर निकाय चुनाव में तीन दशकों के बाद झोझा, कुरैशी बिरादरी का वर्चस्व समाप्त कर भाजपा का सहारा लेकर अंसारी बिरादरी की शहाना सलीम ने जीत का परचम लहराया। अफजलगढ में आजादी के बाद पहली बार अंसारी बिरादरी से कोई चेयरमैन बना है।
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चुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा की शहाना सलीम, सपा की शाहिदा इरशाद और निर्दलीय तबस्सुम जावेद के बीच माना जा रहा था। परंतु शहाना सलीम ने 717 वोटों से तबस्सुम जावेद को हराकर जीत दर्ज कराई। गौरतलब है कि इन तीन दशकों में झोझा, कुरैशी बिरादरी के ही चेयरमैन पालिका पर काबिज रहे। 1965 से 1971 तक शेख अल्लाबख्श, 1969 से 1977 तक अब्दुल सलाम, 1988 से 1994 तक अब्दुल रसीद,1995 से 2000 तक शाहिदा इरशाद, 2000 से 2005 तक जावेद विकार, 2007 से 2011 तक नफीस कुरैशी, 2012 से 2017 तक जावेद विकार पालिकाध्यक्ष पद पर काबिज रहे। 2012 में सलीम अंसारी चुनाव लड़े थे, मगर वह जावेद विकार से चुनाव हारकर दूसरे नंबर पर रहे। इस बार भाजपा का टिकट मिलने पर हिंदू समुदाय का अधिकांश वोट सलीम अंसारी के कब्जे में था। इसी के बल पर उन्हें कामयाबी हासिल हुई। उन्होंने 4717 वोट प्राप्त कर तबस्सुम जावेद को 717 वोटों से हराया।
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