नजीबाबाद। एक अधिवक्ता ने न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी में पद्मावती फिल्म के माध्यम से क्षत्रिय समाज के स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने और इतिहास को बदलने का फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली, फिल्म कलाकारों पर आरोप लगाते हुए परिवाद दायर किया है।
गांव बुडगरा निवासी विहिप के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता सुधीर कुमार एवं उनके पुत्र बार संघ के संयुक्त सचिव देवप्रताप सिंह ने न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी नजीबाबाद में परिवाद दायर किया है। परिवाद में फिल्म पद्मावती के निर्माता निर्देशक संजय लीला भंसाली, शाहिद कपूर, दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह सहित छह कलाकारों को नामजद करते हुए उन पर क्षत्रिय राजपूत समाज का गौरव और स्वाभिमान की प्रतीक पद्मावती के माध्यम से अपमान करने वालों के विरुद्घ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
अधिवक्ता का दावा है कि पद्मावती ने युद्ध हारने की दशा में दुश्मनों के हाथों सतीत्व की रक्षा की खातिर माता पार्वती का नाम लेकर जलती आग में कूदकर अपने प्राणों की आहुति देकर क्षत्रिय और राजपूताना परंपरा को गौरवान्वित किया था। कहा कि उनके त्याग और बलिदान से क्षत्रिय राजपूत समाज का मस्तक ऊंचा करने वाली पद्मावती को फिल्म के माध्यम से नृत्यांगना दिखाकर क्षत्रिय समाज को अपमानित किया गया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी नूतन ने मुकदमे की सुनवाई शुरू कर दी।