धामपुर (बिजनौर)। पूर्ति विभाग ने खाद्य सुरक्षा योजना में अपात्रों को शामिल करने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से स्पष्टीकरण मांगा है। विभागीय जांच के बाद राशन कार्डों में चल रही गड़बड़ी एक बार फिर उजागर हो गई है। जांच में सामने आ रहा है कि अधिकांश आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने अपने चहेतों को सत्यापन के दौरान खाद्य सुरक्षा योजना के लिए हकदार बताया है।
पूर्ति विभाग के बार बार सत्यापन के बाद भी खाद्य सुरक्षा योजना में गरीबों के हक पर डाका बंद नहीं हो रहा है। पूर्ति विभाग ने गरीब को योजना लाभ पहुंचाने के लिए डीलरों से लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व आशाओं से भी योजना में शामिल अपात्रों का सत्यापन कराया। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने भी योजना को पलीता लगाने में कोई कोरकसर नहीं छोड़ी। पूर्ति विभाग की जांच में धामपुर के वार्ड नंबर 10 में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने विदुशी गुप्ता पत्नी नितिन गुप्ता व सुनीता गुप्ता पत्नी मूलचंद गुप्ता को पात्रों की श्रेणी में सम्मलित कर दिया, जबकि जांच में पता लगा कि दोनों ही परिवारों के पक्के मकान में रहते हैं। दोनों परिवारों का दो मंजिला मकान है। पूर्ति विभाग ने आंगनबाड़ी पर मुख्यमंत्री के आदेशों का उल्लंघन करने का हवाला देते हुए आंगनबाड़ी योगेश्वरी से स्पष्टीकरण मांगा है। दो दिन में स्पष्टीकरण न देने पर आंगनबाड़ी को कार्रवाई की हिदायत दी गई है। उधर, पूर्ति निरीक्षक महेश गौतम का कहना है कि जांच में अपात्र मिलने पर सत्यापन करने वाली टीम के कड़ी कार्रवाई होगी।