आजम खां के खिलाफ राजद्रोह की रिपोर्ट दर्ज
बिजनौर।
सैनिकों के बारे में अशोभनीय टिप्पणी करने के मामले में सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां फंस गए हैं। चांदपुर कोतवाली में उनके खिलाफ राजद्रोह व सेना के अफसरों को सत्यनिष्ठा को विचलित करने की कोशिश समेत कई संगीन धाराओं में रिपेार्ट दर्ज कराई कई है। इससे सूबे की सियासत गरमा गई है।
आजम खां की सेना पर आपत्तिजनक टिप्पणी से विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं में उबाल था। बृहस्पतिवार को इन संगठनों के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका चौक पर आजम खां का पुतला फूंकने के बाद उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए एसपी सिटी रामधारी चौरसिया के कार्यालय में धरना दिया था। एसपी सिटी ने रिपेार्ट दर्ज कराने के लिए आला अफसरों से बात की थी। एसपी सिटी के रिपोर्ट दर्ज कराने की हामी भरने के बाद ही दोनों संगठनों के नेता व कार्यकर्ता करीब एक घंटा धरना देने के बाद वहां से उठे थे।
विहिप के मेरठ प्रांत के धर्म प्रसार मंत्री चांदपुर निवासी अनिल पांडे की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया है कि आजम खां ने अपने बयान से सेना को राजनिष्ठा व कर्तव्य से विचलित करने का प्रयास किया है। आजम के इस बयान से भारत में विधि द्वारा स्थापित सरकार के प्रति घृणा व शत्रुता का भाव प्रकट होता है। इससे राष्ट्रीय अखंडता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। राष्ट्र हित में आजम खां के खिलाफ रिपेार्ट दर्ज कराई जाए। आला अफसरों के आदेश पर शुक्रवार शाम चांदपुर थाने में आजम खां के खिलाफ विहिप नेता अनिल पांडे की ओर से धारा 124ए राजद्रोह, धारा 131 सेना के अफसरों को सत्यनिष्ठा से विचलित करने का प्रयास करने व धारा 505 मिथ्या कथन करके लोक शांति को भंग करने की कोशिश में रिपेार्ट दर्ज कराई गई है।
दो धाराओं में आजीवन कारावास का प्रावधान
जिले के वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल चौधरी के मुताबिक, आजम खां के खिलाफ जुर्म साबित होता है तो दो धाराओं में ही आजीवन कारावास की सजा है। उन्होंने कहा कि राजद्रोह की धारा 124ए व सेना के अफसरों को सत्यनिष्ठा से विचलित करने की धारा 131 दोनों में आजीवन कारावास की सजा होती है।