जीएसटी में फार्म 38 की जगह ई वे बिल
बिजनौर।
जीएसटी में फार्म 38 की जगह ई वे बिल काम करेगा। 50 हजार से अधिक के माल के ट्रांसपोर्टेशन के लिए ई वे बिल मान्य होगा। यह हर रोज निश्चित दूरी के लिए मान्य होगा। ई वे बिल मिलने पर वाणिज्य कर विभाग के अधिकारी मोबाइल पर नेट से ही पूरे माल की जानकारी ले लेंगे।
दो साल पहले माल ढुलाई के लिए वाणिज्य कर विभाग ने फार्म 38 का प्रावधान किया था। फार्म 38 में व्यापारी द्वारा लाए जा रहे माल की जानकारी, कीमत आदि का उल्लेख होता था। एक जुलाई से पूरे देश में जीएसटी लागू होने जा रहा है। इसमें ई वे बिल रोड परमिट का काम करेगा। व्यापारी अपने प्रतिष्ठान से ही नेट के जरिये ई वे बिल जेनरेट करेंगे। 50 हजार रुपये से अधिक कीमत के माल के लिए ई वे बिल अनिवार्य होगा। ई वे बिल की पूरी जानकारी नेट पर भी उपलब्ध रहेगी। खास बात यह है कि ई वे बिल में एक दिन में 100 किलोमीटर तक के सफर की मान्यता होगी। व्यापारी के प्रतिष्ठान पर माल निर्धारित समय पर नहीं पहुंचता है तो फिर विभागीय अधिकारी इसकी जांच करेंगे।
वाणिज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड 2 जीएस बोनाल के अनुसार, अब व्यापारी फार्म 38 के बजाय ई वे बिल लेकर माल लाएंगे। व्यापारी कहीं से भी ई वे बिल जनरेट कर सकते हैं। इसके लिए विभाग के कार्यालय में आने की जरूरत नहीं है।