फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इंटर के 2500 विद्यार्थियों ने छोड़ी प्रयोगात्मक परीक्षा

विज्ञापन
विज्ञापन
इंटर के 2500 विद्यार्थियों ने छोड़ी प्रयोगात्मक परीक्षा
विज्ञापन

बिजनौर। शासन ने इंटर की प्रयोगात्मक परीक्षा में धांधली रोकने के लिए इस साल व्यवस्था बदली थी। प्रयोगात्मक परीक्षा बोर्ड से निर्धारित लिखित परीक्षा केंद्रों पर हुई। सख्ती के कारण करीब 2500 छात्र-छात्राओं ने प्रयोगात्मक परीक्षा छोड़ दी। अनुपस्थित परीक्षार्थी में संस्थागत विद्यार्थी ज्यादा हैं। अनुपस्थित विद्यार्थियों का विवरण परिषद की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है।
यूपी बोर्ड की इंटर की प्रयोगात्मक परीक्षा लिखित परीक्षा के बाद हुई। प्रयोगात्मक परीक्षा लैब में न होने, परीक्षकों द्वारा एक ही दिन में कई विद्यालयों की परीक्षा कराने, परीक्षा लेने कॉलेजों में न आने, पैसे का लेनदेन होने आदि के आरोप लगते रहे हैं। मामले की शिकायतें शासन तक पहुंचीं। जिस पर शासन ने छात्र हित में 2022 की प्रयोगात्मक परीक्षा की व्यवस्था में बदलाव किया। इस बार विद्यार्थियों ने प्रयोगात्मक परीक्षा उन केंद्रों पर दी जहां उनकी लिखित परीक्षा हुई थी। प्रशासन ने केंद्रों पर जिला स्तरीय अधिकारी पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किए थे। लैब में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। डीआईओएस से लेकर संयुक्त निदेशक तक ने केंद्रों का निरीक्षण किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

28 अप्रैल से छह मई तक हुईं प्रयोगात्मक परीक्षाएं
इंटर में फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलाजी, गृहविज्ञान, कृषि, कंप्यूटर आदि प्रयोगात्मक विषय होते हैं। प्रयोगात्मक परीक्षा 28 अप्रैल से शुरू होकर छह मई तक चलीं। इस दौरान 2500 विद्यार्थी प्रयोगात्मक परीक्षा देने नहीं आए। इनमें संस्थागत तथा व्यक्तिगत दोनों तरह के छात्र-छात्राएं हैं। बोर्ड ने छह मई तक अनुपस्थित परीक्षार्थियों का विवरण वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दिए थे। शासन ने लिखित परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के परीक्षकों की तरह प्रयोगात्मक परीक्षकों की नियुक्ति ऑनलाइन की। डीआईओएस राजेश कुमार ने बताया कि शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें