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24 घंटे की बारिश ने तोड़ा दस साल का रिकॉर्ड

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24 घंटे की बारिश ने तोड़ा दस साल का रिकॉर्ड
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बिजनौर/नगीना। पिछले 24 घंटे में जिले में झमाझम बारिश हुई है। करीब 15 घंटे तक लगातार बादल बरसे। बारिश से कई जगह खेतों और सड़कों पर पानी भर गया। बारिश ने मौसम को भी खुशगवार कर दिया है। तापमान में भारी गिरावट आई है। 24 घंटे में 79 एमएम बारिश हुई। वहीं दो दिन में 82.5 एमएम वर्षा रिकॉर्ड की गई। इस 24 घंटे की बारिश ने पिछले दस साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। पिछले दस सालों में पूरे मई माह में इतनी बारिश नहीं हुई थी।
बुधवार को सुबह बूंदाबांदी शुरू हुई। दोपहर तीन बजे तक करीब साढ़े तीन एमएम बारिश हुई थी। बूंदाबांदी करीब पांच बजे रुक गई थी, लेकिन रात आठ बजे झमाझम बारिश शुरू हो गई, जो पूरी रात होती रही। बृहस्पतिवार सुबह भी बारिश जारी रही। बृहस्पतिवार को कुछ देर के लिए हवा के हलके झोंके भी चले। दिन में करीब 11 बजे बारिश रुकी। करीब 15 घंटे तक लगातार बारिश होती रही। कई मोहल्लों में और सड़कों पर पानी भरा रहा। बारिश रुकने के बाद भी मौसम साफ नहीं हुआ और बादल छाए रहे। मौसम भी एकदम ठंडा हो गया है। तापमान 22 डिग्री सेल्सियस तक रहा। आमतौर पर इतनी बारिश बरसात में भी कभी कभी ही होती है।
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फसल को फायदा, पलेज को नुकसान
बारिश ने फसलों की शानदार सिंचाई कर दी। किसानों को अब कई दिन तक फसलों की सिंचाई करने की जरूरत नहीं है। हालांकि गंगा किनारे पलेज की खेती करने वाले किसानों को बारिश से नुकसान हुआ होगा। बारिश के बाद किसान अब खेतों में धान की नर्सरी तैैयार करने में लग जाएंगे। जिला कृषि अधिकारी डा.अवधेश मिश्र के अनुसार किसानों को बारिश से कोई नुकसान नहीं हुआ है। फसलों की सिंचाई हो गई है। नगीना स्थित मौसम वेधशाला के प्रेक्षक सतीश कुमार के अनुसार शुक्रवार को भी मौसम खराब रह सकता है।
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रुक रुककर हो रही बारिश के बाद भी नहीं बढ़ा गंगा का जलस्तर
बिजनौर। बारिश के बाद भी गंगा का जलस्तर जस का तस है। गंगा का जरा भी जलस्तर नहीं बढ़ा है। पिछले एक माह से गंगा में दस हजार क्यूसेक पानी चल रहा है। गंगा के तटीय गांव रावली, ब्रह्मपुरी, डैबलगढ़, सीमली आदि गांवों में बारिश से खेत जलमग्न हो गए हैं। गंगा बैराज के जेई पीयूष बालियान के मुताबिक बारिश होने के बाद भी गंगा का जलस्तर नहीं बढ़ा है। गंगा में दो हजार क्यूसेक पानी चल रहा है।
पिछले 10 वर्षों में मई माह में हुई वर्षा का विवरण
2011- (71.4mm)
2012- (0.0mm)
2013- (0.0mm)
2014- (52.2mm)
2015- (13.8mm)
2016- (66.4mm)
2017- (23.6mm)
2018-(4.4mm)
2019-(4.0mm)
2020-(15mm)
(यह रिकॉर्ड नगीना स्थित मौसम वेधशाला से लिए गए हैं)

बिजनौर में बृहस्पतिवार को हुई बारिश में छाता लगाकर जाती महिलाएं।- फोटो : BIJNOR

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