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मजदूरों और जरूरतमंदों के लिए 24 घंटे चल रही सरकारी रसोई

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मजदूरों और जरूरतमंदों के लिए 24 घंटे चल रही सरकारी रसोई
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बिजनौर/नगीना/चांदपुर। बाहर से आने वाले मजदूरों व जरूरतमंदों के लिए प्रशासन 24 घंटे खाना उपलब्ध करा रहा है। मजदूरों के लिए खाना भेजते समय अफसर खुद मौके पर मौजूद रहते हैं। प्रशासन जगह जगह खुद जाकर लोगों को खाना उपलब्ध कराता है तो कई जगह मजदूर भी रसोई में आकर खाना खाते हैं।
लॉकडाउन के दौरान दूसरे जिलों में रहने वाले मजदूर जिले से होते हुए अपने घरों को जा रहे हैं। इसके अलावा जिले में भी रह रहे बाहर के कुछ मजदूर घर पर बेरोजगार बैठे हैं। ऐसे लोगों के लिए प्रशासन व सामाजिक लोग पूरी मदद कर रहे हैं। प्रशासन द्वारा सभी तहसीलों व नगर पालिकाओं में मजदूरों को खाना उपलब्ध कराया जा रहा है। खाना बनने के बाद कई जगह प्रशासनिक अफसर खाने को खुद ही लेकर जाते हैँ। बिजनौर तहसील में हर रोज 200, नजीबाबाद में 150, चांदपुर में 250 व नगीना तहसील में 350 मजदूरों के लिए रोज खाना बनाया जा रहा है।
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ये है मैन्यू
मजदूरों को खाने में दाल, चावल, रोटी व एक सब्जी दी जाती है। खाने की कीमत 30 से 35 रुपये प्रति व्यक्ति निर्धारित की गई है। मजदूूूरों से कोई रुपया नहीं लिया जाता है। इसके अलावा अधिकारी निजी स्तर से भी मदद करते हैं।
दाल, चावल पहली पसंद
शासन द्वारा जारी किए गए मेन्यू में पूरी सब्जी व दाल चावल दोनों को शामिल किया गया है। प्रशासन कभी पूरी सब्जी तो कभी दाल चावल मजदूरों के लिए बनवा रहा है। रात को मजदूरों के कहीं से आने पर उनके लिए चावल एकदम तैयार हो जाते हैं। मजदूर भी दाल चावल की मांग करते हैं। इसलिए रात में दाल चावल ज्यादा बनाए जाते हैं।
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नहीं सोने दिया किसी को भूखा
एसडीएम सदर बृजेश कुमार का कहना है कि मजदूरों के लिए सरकारी रसोई हर समय खाना बना रही है। वह खुद जाकर खाने की गुणवत्ता को देखते हैं। मजदूरों को जल्द उपलब्ध कराया जाने वाला खाना ही बनवाया जा रहा है। जिले में अब तक किसी को भी प्रशासन ने भूखा नहीं सोने दिया है।
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