बिजनौर। प्रशासन मूल्यांकन केंद्रों पर कॉपी जांचने नहीं आने वाले परीक्षकों को लेकर सख्त हो गया है। शिक्षकों को मूल्यांकन ड्यूटी के लिए रिलीव नहीं करने वाले वित्त विहीन विद्यालयों की मान्यता खत्म करने की कार्रवाई हो सकती है। सहायता प्राप्त विद्यालयों के गैरहाजिर परीक्षकों का वेतन काटा जा रहा है।
हाईस्कूल के परीक्षक अधिक संख्या में गैरहाजिर है। जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि सभी मूल्यांकन केंद्र पर आवंटित कॉपी आ गई हैं। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटर की कॉपी का आठ मार्च से मूल्यांकन शुरू है। पहले दिन से ही बड़ी संख्या में परीक्षक कॉपी जांचने नहीं आ रहे हैं। रविवार को हाईस्कूल के 575 व इंटर के 267 यानि कुल 842 परीक्षक कॉपी जांचने नहीं आए। शासन के हर हाल में मूल्यांकन तय अवधि 15 दिन में पूरा करने के निर्देश हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार के अनुसार अनुपस्थित परीक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। जो वित्त विहीन माध्यमिक विद्यालय अपने शिक्षकों को मूल्यांकन ड्यूटी के लिए रीलीव नहीं कर रहे हैं, उनकी मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी। यदि परीक्षक बना कोई शिक्षक विद्यालय छोड़ गया है तो उनकी सूची तत्काल उनके दफ्तर को भेजें। बकौल डीआईओएस सहायता प्राप्त विद्यालयों के अनुपस्थित परीक्षकों का वेतन काटने के लिए निर्देश भेजे जा रहे है। रविवार को बीआईसी मूल्यांकन केंद्र पर 329 परीक्षक, जीजीआईसी केंद्र पर 287 परीक्षक, जीआईसी केंद्र पर 153 परीक्षक, तथा आरजेपी केंद्र पर 126 परीक्षक अनुपस्थित रहे हैं। रविवार को चारों केंद्र पर करीब 53 हजार कॉपी जंची हैं।
डीआईओएस ने बताया कि गैर जनपदों से जिले में मूल्यांकन के लिए आवंटित सभी कॉपी आ गई है। उपनियंत्रकों को कह दिया गया है कि वे मूल्यांकन समय से पूरा कराना सुनिश्चित करें।