नजीबाबाद। श्रीमद् भागवत कथा में वामन अवतार, ध्रुव चरित्र, राम कथा और कृष्ण जन्म से जुड़े प्रसंगों को सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा वाचक अंबरीश दास महाराज ने कहा कि किसी भी प्राणी को तुच्छ नहीं समझाना चाहिए, भगवान वामन अवतार ने महाराजा बलि का अहंकार चूर-चूर कर दिया।
नगर के मोहल्ला भवन में श्रीमद् भागवत कथा सुनाते हुए अंबरीश दास महाराज ने कहा कि ईश्वर की दृष्टि में कोई बड़ा कोई छोटा नहीं है। व्यक्ति अपने कर्मों से ही अपनी स्थिति तय करता है। प्रेम, सद्भाव और भक्ति से ईश्वर भक्तों के अधीन होते हैं। श्रीमद् भागवत कथा के दौरान भगवान वामन और कृष्ण जन्म की सुंदर झांकियों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर किया। ध्रुव चरित्र, राम कथा से जुड़े प्रसंगों का रसपान कर श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से वातावरण गुंजायमान कर दिया। इस अवसर पर कृष्णा, संगीता, मधु, गौरी, निकुंज, अक्षत, शकुंतला, रीना शर्मा राजन माहेश्वरी, कुंज माहेश्वरी, राजेश ठाकुर, संजय शर्मा, राधेश्याम शर्मा, अनुराग कौशिक, चरणदास आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे।