कोतवाली देहात(बिजनौर)। गांव गारवपुर से दो और परिवार पलायन कर गए हैं। इन परिवारों ने भी गांव मसूरी के जंगल में ठिकाना बना लिया है। गांव से पलायन करने वाले सभी लोग जाट समाज के हैं। बृहस्पतिवार को भाकियू जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह ने गांव में जाकर दोनों पक्षों से अलग-अलग वार्ता की। दोनों पक्षों में समझौता कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
गांव गारवपुर में धर्मस्थल से लाउड स्पीकर उतरवाने के मामले में अभी तक कोई सहमति नहीं बन पाई है। हिंदू पक्ष के परिवार लाउड स्पीकर लगवाने पर अड़े हुए हैं। लाउड स्पीकर न लगने पर मंगलवार को गांव के तीन परिवारों ने पलायन कर दिया था। बृहस्पतिवार तक मामले का निपटारा न होने पर कुछ और परिवारों ने भी पलायन की चेतावनी दी थी। बृहस्पतिवार को सत्यपाल व राजवीर सिंह ने अपने परिवार सहित गांव छोड़ दिया। उन्होंने गांव गारवपुर के जंगल में जाकर तंबू गाड़कर वहां रहना शुरू कर दिया है। उनका आरोप है कि प्रशासन एकतरफा कार्रवाई कर रहा है। उन्हें इंसाफ नहीं दिया जा रहा है। वहीं भाकियू जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह अपनी टीम के साथ गांव गारवपुर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों से अलग-अलग वार्ता की। दिगंबर सिंह के अनुसार प्रशासनिक लापरवाही से गांव में पलायन जैसी स्थिति बनी है। गांव के दोनों समुदाय के लोग आपस में मिल जुलकर रहना चाहते हैं। दोनों पक्षों को एक साथ बैठाकर दोनों की शिकायत दूर कर समझौता कराया जाएगा।